Advertisement

Atiq Ahmed Case: अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता भगोड़ा घोषित, पुलिस ने घर पर चिपकाया नोटिस

Atiq Ahmed Case: अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन पर पुलिस ने 50,000 रुपये का इनाम घोषित कर रखा है और उमेश पाल हत्याकांड के बाद से वह फरार है.

Atiq Ahmed Case: अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता भगोड़ा घोषित, पुलिस ने घर पर चिपकाया नोटिस

Atiq Ahmed wife Shaista Parveen

Add DNA as a Preferred Source

डीएनए हिंदी: प्रयागराज पुलिस ने माफिया अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन को सोमवार को भगोड़ा घोषित कर दिया. शाइस्ता परवीन पर पुलिस ने 50,000 रुपये का इनाम घोषित कर रखा है और उमेश पाल हत्याकांड के बाद से वह फरार है. धूमनगंज थाने के प्रभारी राजेश मौर्य ने बताया कि शाइस्ता, चकिया स्थित जिस मकान में रहती थी, उस मकान पर सोमवार को नोटिस चस्पा करके उसे भगोड़ा घोषित किया गया. 

पुलिस अधिकारी ने बताया कि उमेश पाल हत्याकांड में वह नामजद आरोपी है और घटना के बाद से वह फरार है. उन्होंने बताया कि नोटिस लगाने से पूर्व इलाके में डुगडुगी बजाकर मुनादी भी कराई गई. उन्होंने कहा कि माफिया अतीक अहमद का पुश्तैनी मकान तोड़े जाने के बाद अतीक अहमद की पत्नी और बेटे इसी मकान में रहते थे. मौर्य ने बताया कि 24 फरवरी को उमेश पाल और उसके दो सुरक्षाकर्मियों की हत्या के बाद प्रयागराज विकास प्राधिकरण ने इस मकान को भी ध्वस्त कर दिया था.

उन्होंने कहा कि यह मकान जफर अहमद के नाम पर दर्ज है जो अतीक अहमद के वकील खान शौलत हनीफ का साला है. पुलिस ने बताया कि भगोड़ा घोषित किए जाने के बाद भी अगर शाइस्ता परवीन आत्मसमर्पण नहीं करती है तो उसके खिलाफ कुर्की की कार्रवाई की जाएगी.

ये भी पढ़ें- दिल्ली सेवा बिल राज्यसभा में भी पास, पक्ष में 131 तो विरोध में पड़े 102 वोट

50 हजार का इनामी अतीक गिरोह का पप्पू गंजिया गिरफ्तार
वहीं एसटीएफ की नोएडा इकाई ने रंगदारी मांगने के मामले में काफी समय से फरार और अतीक अहमद गिरोह के सक्रिय सदस्य जावेद उर्फ पप्पू गंजिया को सोमवार को राजस्थान के अजमेर से गिरफ्तार किया. पुलिस उपाधीक्षक (एसटीएफ) नवेंदु कुमार के मुताबिक, जावेद उर्फ पप्पू गंजिया को सोमवार को सुबह करीब सात बजे अजमेर के बागे ए रहमत होटल से गिरफ्तार किया गया. उन्होंने बताया कि 50 हजार रुपये के इनामिया अपराधी पप्पू गंजिया के बारे में एसटीएफ की नोएडा इकाई से सूचना साझा की गई थी. 

नवेंदु कुमार के मुताबिक, 51 वर्षीय जावेद उर्फ पप्पू गंजिया ने पूछताछ में बताया कि वर्ष 1989 में उसके चचेरे भाई महबूब अली के ठेकेदारी के काम को लेकर गुलाब महरा से रंजिश हो गई थी और पप्पू गंजिया ने अपने साथियों के साथ मिलकर गुलाब महरा की हत्या कर दी थी. उन्होंने बताया कि गुलाब महरा की हत्या के संबंध में नैनी थाने में उसके खिलाफ मामला दर्ज हुआ था और वह जेल गया था. उन्होंने बताया कि जेल से छूटने के बाद वह महकू पासी, छम्मन, ताजूद्दीन उर्फ ताजू और मंसूर अहमद के साथ आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहा. 

ये भी पढ़ें- सदस्यता वापस मिलते ही राहुल गांधी ने चेंज किया ट्विटर बायो, जानें अब क्या लिखा  

पप्पू गंजिया के साथियों का एनकाउंटर
नवेंदु के मुताबिक, पप्पू गंजिया के साथी ताजू और महकू पासी पुलिस मुठभेड़ में मारे गए. उन्होंने बताया कि पप्पू गंजिया ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर गुलाब महरा के पोते आनंद महरा की भी 2001 में हत्या कर दी थी और इस मामले में वह जेल गया था. उन्होंने बताया कि इसके बाद पप्पू गंजिया धीरे-धीरे विवादित संपत्तियों में दखल देने के साथ ही रंगदारी मांगने लगा. उन्होंने बताया कि इस संबंध में नैनी थाने में पिछले वर्ष मामला दर्ज किया गया था और इसी मामले में वह वांछित था और उस पर 50,000 रुपये का इनाम घोषित किया गया था. (इनपुट- भाषा)

देश-दुनिया की ताज़ा खबरों Latest News पर अलग नज़रिया, अब हिंदी में Hindi News पढ़ने के लिए फ़ॉलो करें डीएनए हिंदी को गूगलफ़ेसबुकट्विटर और इंस्टाग्राम पर.

Read More
Advertisement
Advertisement
Advertisement