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अपने ही संस्थान के खिलाफ क्यों धरने पर बैठे Kanpur IIT के छात्र, धोबी, मशीन या नया नियम क्या है सही वजह?

कानपुर आईआईटी के छात्रों द्वारा संस्थान के खिलाफ प्रदर्शन किया जा रहा है. छात्रों का मानना है कि संस्थान धोबी परिवारों के साथ गलत कर रहा है. आइए जानते है पूरा मामला

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अपने ही संस्थान के खिलाफ क्यों धरने पर बैठे Kanpur IIT के छात्र, धोबी, मशीन या नया नियम क्या है सही वजह?

iit kanpur students protest

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कानपुर आईआईटी के छात्र-छात्राएं धरने पर बैठे हैं. कई आदमियों का एक साथ कम समय में काम करने वाली मशीन को बनाने वाले इंजीनियरिंग के छात्रों भी उस वक्त भावुक हो गए जब संस्थान ने धोबी पिरवारों के घर तुड़वा दिए.  दरअसल कानपुर आईआईटी के छात्र संस्थान के धोबियों से उनका रोजगार छिनने पर भावुक हो उठे और उनके साथ संस्थान के खिलाफ खड़े हो गए. ये सभी छात्र धोबी परिवारों के साथ धरने पर उतर आए हैं. 

क्यो हो रहा है धरना प्रदर्शन
दरअसल संस्थान ने 32 धोबी परिवारों का घर तुड़वा दिया हैं. इन्हें 4 महीने पहले घर खाली करने का नोटिस दिया गया था. आईआईटी कानपुर में अब कपड़े धोने और सुखाने के लिए बड़ी-बड़ी वॉशिंग मशीन लगने वाली है. इससे संस्थान के लिए काम कर रहे धोबी परिवार बेरोजगार हो जाएंगे. इस वजह से लगभग 50 छात्राओं ने बुधवार को संस्थान के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया हैं. छात्र हॉस्टल परिषद ने इस कार्रवाई का विरोध किया है और इसे आईआईटी कानपुर की मानवीय कर्तव्यों के खिलाफ बताया है.

कानपुर IIT का बयान
दूसरी तरफ इसको लेकर कानपुर आईआईटी की तरफ से भी बयान जारी किया गया है. कानपुर आईआईटी का कहना है कि धोबी परिवारों को इन मकानों से केवल सुरक्षा की दृष्टि से निकाला जा रहा है. ये मकान 1960 में ये बने हैं. इसलिए अब यहां रहना खतरे का सवाल हैं. वहीं धोबियों के रहने के लिए कैंपस से बाहर व्यवस्था की जा रही है. इतना ही नहीं बल्कि मशीनों से आ जाने से किसी का भी रोजगार नहीं छीना जाएगा बल्कि ये मशाने पानी और समय के बचत के लगाई जा रही है. 

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सोशल मीडिया पर भी चालू है प्रदर्शन
दूसरी तरफ छात्र भी इसको लेकर कई तरह के सोशल मीडिया पोस्ट कर रहे है. छात्र लगातर सोशल मीडिया पर और अपनी वेबसाइट का इस्तामाल कर इस धरना को तेज कर रहा हैं. संस्थान के एलुमनी को भी देश दुनिया में मैसेज भेजा रहा है. 

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