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योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुभासपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने दावा किया है कि आने वाले दिनों में पूरी समाजवादी पार्टी (सपा) भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के लिए तैयार बैठी है.
महाराष्ट्र की सियासी उथल-पुथल और पश्चिम बंगाल के दलबदल के खेल के बीच, अब देश के सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश की राजनीति को लेकर भी एक बहुत बड़ा और सनसनीखेज दावा सामने आया है. यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के मुखिया ओम प्रकाश राजभर ने एक ऐसा बयान दे दिया है, जिसने राज्य के सियासी पारे को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है. राजभर ने बुधवार (17 जून 2026) को कहा कि आने वाले दिनों में अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी (सपा) ताश के पत्तों की तरह बिखरने वाली है.
उन्होंने यहां तक दावा कर दिया कि महाराष्ट्र और बंगाल की बातें तो पुरानी हो गईं, अब तो पूरी की पूरी समाजवादी पार्टी ही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का दामन थामने के लिए कतार में खड़ी है. राजभर का यह तीखा बयान ऐसे समय पर आया है जब उत्तर प्रदेश में साल 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों की बिसात अभी से बिछनी शुरू हो गई है. एक तरफ जहां सत्ताधारी दल अपनी पकड़ मजबूत करने में जुटा है, वहीं विपक्ष भी अपनी गोटियां सेट कर रहा है.
इस चुनावी माहौल के बीच राजभर ने सीधे सपा के शीर्ष नेतृत्व पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में हुए पुराने घोटालों, जैसे कि अवैध खनन और गोमती रिवर फ्रंट प्रोजेक्ट की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है और जांच एजेंसियों का शिकंजा कस रहा है, वैसे-वैसे सपा के बड़े-बड़े नेताओं की रात की नींद उड़ी हुई है. राजभर के मुताबिक, पूरा उत्तर प्रदेश जानता है कि इन घोटालों के पीछे असली मास्टरमाइंड कौन था.
इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब राजभर ने सपा के सबसे कद्दावर और वरिष्ठ नेताओं में शुमार रामगोपाल यादव का नाम घसीट लिया. राजभर ने दावा किया कि रामगोपाल यादव ने देश के गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर उन्हें एक बेहद गोपनीय चिट्ठी सौंपी है और वह पत्र देने के बाद मुस्कुराते हुए वहां से विदा हुए. राजभर ने चुटकी लेते हुए कहा कि रामगोपाल यादव ने जरूर उस पत्र में बीजेपी में शामिल होने वाले सपा नेताओं और सांसदों की एक लंबी-चौड़ी लिस्ट बनाकर दी होगी.
समाजवादी पार्टी में बड़ी टूट होगी। राम गोपाल यादव ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह जी को चिट्ठी सौंपी है।
— Om Prakash Rajbhar (@oprajbhar) June 17, 2026
खनन घोटाला और गोमती रिवर फ्रंट घोटाला का मास्टरमाइंड कौन है, पूरा उत्तर प्रदेश जानता है। शिकंजा कस रहा है तो सपा परेशान है।
महाराष्ट्र बंगाल छोड़िए, समूची सपा, भाजपा में…
उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि जो हाल महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे का और बंगाल में टीएमसी का हो रहा है, अब वही दिन उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी को भी देखने पड़ेंगे और पार्टी के कई सांसद बहुत जल्द पाला बदलने वाले हैं. हालांकि, समाजवादी पार्टी ने राजभर के इन दावों को सिरे से खारिज करते हुए उन पर पलटवार करने में जरा भी देर नहीं की.
जब इस बारे में सपा के वरिष्ठ नेता रामगोपाल यादव से फोन पर बात की गई, तो उन्होंने बेहद सख्त और तल्ख अंदाज में कहा, "मैं ऐसे मूर्खों की बातों को जरा भी भाव नहीं देता. समाजवादी पार्टी पूरी तरह से एकजुट है और इसमें किसी भी तरह की टूट का कोई सवाल ही पैदा नहीं होता. जो नेता इस तरह की अफवाहें फैला रहे हैं, उन्हें दूसरों के घर में तांक-झांक करने के बजाय अपनी खुद की पार्टी की फिक्र करनी चाहिए."
वहीं दूसरी तरफ, सपा के एक और दिग्गज सांसद अफजल अंसारी ने भी राजभर के दावों की हवा निकालते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी में कोई दरार नहीं है. उन्होंने कहा कि आज के समय में सपा कमजोर होने के बजाय और ज्यादा मजबूत हो रही है, क्योंकि लगातार नए लोग और कार्यकर्ता पार्टी से जुड़ रहे हैं. बहरहाल, राजभर के इस बयान में कितनी सच्चाई है और कितना सियासी ड्रामा, यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा, लेकिन इसने यूपी की राजनीति में एक नई बहस जरूर छेड़ दी है.