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उत्तर प्रदेश के सीतापुर में दिनदहाड़े एक पत्रकार की हत्या कर दी गई. हमलावरों ने पहले पत्रकार की बाइक रुकवाई फिर उस पर गोलियों की बौछार कर दी. हमलावर घटना के बाद फरार हो गए.
Journalist Raghavendra Bajpai murder: उत्तर प्रदेश के सीतापुर में दिनदहाड़े एक पत्रकार की हत्या कर दी गई. हमलावरों ने पहले पत्रकार की बाइक रुकवाई फिर उस पर गोलियों की बौछार कर दी. यह घटना इमलिया सुल्तानपुर थाना क्षेत्र की बताई जा रही है. पत्रकार की हत्या के बाद इलाके में दहशत का माहौल है.
तीन गोलियां मारी...
स्थानीय पत्रकार राघवेंद्र बाजपेई का शव लखनऊ-दिल्ली हाईवे पर हेमपुर नेरी के पास मिला. राघवेंद्र कोई किसी ने फोन कर बुलाया था और वे बाइक से निकले थे. हालांकि बाद में उनका शव बरामद हुआ. शुरुआत में इसे सड़क हादसा समझा गया लेकिन जब राघवेंद्र को अस्पताल पहुंचाया गया तो डॉक्टरों ने पत्रकार के शरीर में तीन गोलियों के निशान देखे.
हमलावर फरार
जानकारी के मुताबिक पत्रकार राघवेंद्र बाजपेई बाइक से महोली से सीतापुर आ रहे थे. वहीं, ओवरब्रिज के पास घात लगाए हमलावर अचानक से उनकी बाइक के सामने आ गए और उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी. इसके बाद राघवेंद्र बाजपेई सड़क पर गिर गए. सड़क पर गिरते ही हमलावरो ने उन पर कई राउंड फायरिंग की और मौके से फरार हो गए. परिजनों की ओर से तहरीर मिलने के बाद इस मामले में मुकदमा दर्ज किया जाएगा. फिलहाल घटना के खुलासे के लिए महोली, इमलिया और कोतवाली पुलिस के अलावा सर्विलांस और एसजीओ की टीमें इलाके में सक्रिय कर दी गई हैं.
'यूपी में जंगलराज'
आजाद समाज पार्टी के सांसद एडवोकेट चंद्रशेखर आजाद ने सोशल मीडिया साइट 'एक्स' पर लिखा, 'उत्तर प्रदेश में जंगलराज-अब पत्रकार भी असुरक्षित! सीतापुर जिले के इमलिया सुल्तानपुर थाना क्षेत्र में दैनिक जागरण में कार्यरत पत्रकार राघवेंद्र बाजपेई की दिनदहाड़े हत्या अत्यंत दुखद और दण्डनीय. घटना यह साबित करती है कि उत्तर प्रदेश में अपराधी शासन से भी ज्यादा ताकतवर हो चुके हैं. जब लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर दिनदहाड़े गोलियां बरसाई जा रही हैं, तो आम नागरिकों की सुरक्षा की क्या उम्मीद की जाए? @UPGovt से हमारी मांगें:-1. दोषियों को शीघ्र गिरफ्तार कर कठोरतम सजा दी जाए. 2. पत्रकारों की सुरक्षा के लिए विशेष कानून बनाया जाए.'
हत्या का कारण स्पष्ट नहीं
पुलिस मामले की छानबीन में जुट गई है. हमलावरों की तलाश तेज कर दी है. हालांकि, अभी तक हत्या के पीछे का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है. राघवेंद्र की हत्यारों का सुराग लगाने के लिए टीमों का गठन किया गया है. बताते चलें कि पत्रकार राघवेंद्र बाजपेई महोली के रहने वाले थे. हमलावारों ने उन्हें राष्ट्रीय राजमार्ग पर इमलिया सुल्तानपुर थाना क्षेत्र में गोली मारी है. इस घटना से एक तरफ जहां पूरे इलाके में दहशत है वहीं यह भी सवाल उठ रहे हैं कि जनता की आवाज उठाने वाले और जनता के मुद्दों को सुर्खियां बनाने वाले पत्रकार भी सीतापुर में सुरक्षित नहीं है.
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