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UP News: बुल्डोजर एक्शन के दौरान 6 साल की बच्ची किताबें लेकर भागी, अखिलेश यादव Video से क्या दिखाना चाहते हैं?

उत्तर प्रदेश से समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 'एक्स' पर एक वीडियो शेयर किया है, जो लोगों को बड़ा मार्मिक लग रहा है. साथ ही डीएम ने भी सफाई दी है.

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UP News: बुल्डोजर एक्शन के दौरान 6 साल की बच्ची किताबें लेकर भागी, अखिलेश यादव Video से क्या दिखाना चाहते हैं?
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UP bulldozer action news: उत्तर प्रदेश से समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 'एक्स' पर एक वीडियो शेयर किया है, जो लोगों को बड़ा मार्मिक लग रहा है. दरअसल उत्तर प्रदेश में अवैध कॉलोनियों और अतिक्रमण को हटाने के लिए बुल्डोजर एक्शन चल रहा है. इस बीच समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने बुल्डोजर एक्शन की आलोचना करते हुए सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया है. 

क्या है वीडियो में?

बस्ती विकास प्राधिकरण ने करीब 17 कॉलोनियों को अतिक्रमण के लिए चिह्रित किया है. इस बीच सपा प्रमुख ने जो वीडियो जारी किया है. उसमें देखा जा सकता है कि इस बुल्डोजर एक्शन के दौरान एक 6 साल की बच्ची अपनी किताबें लेकर भागती दिख रहाी है. बच्ची ने बेसिक स्कूल की ड्रेस पहनी है और हाथ में किताबें हैं. यह वायरल वीडियो उत्तर प्रदेश के अंबेडकर नगर का बताया जा रहा है. यहां प्रशासनिक अधिकारी अवैध झोपड़ियों को बुल्डोजर से गिराया जा रहा है.

अखिलेश यादव का रुख

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने यह वीडियो सोशल मीडिया साइट 'एक्स' पर शेयर किया है. उन्होंने वीडियो शेयकर लिखा, 'उप्र के अम्बेडकर नगर में एक प्रशासनिक अधिकारी अपनी शान दिखाने के लिए लोगों की झोपड़ियां गिरा रहा है और एक बच्ची अपनी किताबें बचाने के लिए भागने पर मजबूर है. ये वही भाजपाई लोग हैं, जो कहते हैं : बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ!'

अधिकारियों ने दी सफाई

वायरल वीडियो पर अंबेडकर नगर के डीएम ने एक्स पर जानकारी दी कि वीडियो जो बच्ची हाथ में किताबें लेकर भागती दिख रहा है , उसका घर नहीं गिराया गया है. डीएम ने एक्स पर लिखा, 'यह भी अवगत कराना है कि यह बच्ची जिस घर से बुक लेकर निकल रही है, वो घर नहीं हटाया गया है.'


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क्या कह रहे यूजर्स?

एक यूजर ने बच्ची के हाथ में किताबें लिए तस्वीर को शेयर करते हुए लिखा, 'तस्वीर सिर्फ़ काली और सफ़ेद नहीं है, बल्कि इसमें हज़ारों टूटते सपनों की चीख़ें छुपी हैं. जब कोई किताबों के साथ भागने पर मजबूर हो, तो समझ जाना कि समाज ने फिर किसी भविष्य को रौंद दिया है.' वहीं, एक अन्य यूजर ने लिखा, 'राजनीति नहीं.'

 

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