Advertisement

'मैं कोई वारिस नहीं, बल्कि..', BJP के राजनीतिक उत्तराधिकारी वाले सवाल पर क्या बोले CM योगी

सीएम योगी ने कहा कि 'मां भारती के सेवक के तौर पर मुझे यूपी का दायित्व सौंपा गया, मैं उस भूमिका में काम कर रहा हूं. मुझे अच्छा लगेगा यदि काम करते हुए मुझे गोरखपुर जाने का अवसर मिले.' पढ़िए रिपोर्ट.

Latest News
'मैं कोई वारिस नहीं, बल्कि..', BJP के राजनीतिक उत्तराधिकारी वाले सवाल पर क्या बोले CM योगी
Add DNA as a Preferred Source

यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने भविष्य में बीजेपी के उत्तराधिकारी बनने के प्रश्न को लेकर बड़ा जवाब दिया है. उन्होंने कहा है कि वो एक योगी हैं, जो जनसेवा में समर्पित है. यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ये सारी बातें इंडिया टुडे कॉन्क्लेव में बोल रहे थे. सवाल-जवाब के इस क्रम में सीएम योगी की ओर से अपनी आध्यात्मिक यात्रा और प्रदेश को लेकर अपनी जिम्मेदारियों पर भी जोर दिया गया. जब उनसे पूछा गया कि क्या वो बीजेपी में भविष्य के उत्तराधिकारी हैं. इसके जवाब में उन्होंने कहा कि 'मैं कोई वारिस नहीं हूं, बल्कि एक योगी हूं और मैं एक योगी की तरह ही काम करना चाहता हूं.' 

सीएम योगी ने बताई अपनी भूमिका
सीएम योगी ने आगे कहा कि 'मां भारती के सेवक के तौर पर मुझे यूपी का दायित्व सौंपा गया, मैं उस भूमिका में काम कर रहा हूं. मुझे अच्छा लगेगा यदि काम करते हुए मुझे गोरखपुर जाने का अवसर मिले. तब मैं अपने योगी धर्म को आगे बढ़ा सकूंगा.' सीएमं योगी की ओर से आगे बताया गया कि 'उन्हें गोरखपुर लौटने का अधिक उत्साह है, जो कि गोरखनाथ मठ का स्थान है.' सीएम योगी ने फिर धर्म की व्यपक अहमियत को समझाया. उन्होंने कहा कि 'संन्यास को अक्सर दुनिया से विरक्त होकर एकांत को ग्रहण करना समझा जाता है. लेकिन मुझे नहीं लगता है कि ये धर्म मार्ग है. सच्चा धर्म दो चीजों को प्रेरित करता है. एक भौतिक प्रगति और जनकल्याण. वहीं दूसरा अंतिम आध्यात्मिक संतुष्टि और मोक्ष.'

सीएम योगी ने भारतीय महापुरुषों का किया उल्लेख
सीएम योगी की ओर से भारत के धार्मिक और सांस्कृतिक इतिहास का उदाहरण प्रस्तुत किया गया. इस क्रम में उन्होंने गौतम बुद्ध और आदि शंकराचार्य का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि उन्होंने समाज कल्याण और भारत की आध्यात्मिक और दार्शनिक परंपराओं को मजबूत करने के लिए अपना जीवन समर्पित किया. भगवान बुद्ध ने ज्ञान प्राप्त करने के बाद 36 सालों तक अपनी विद्या से सबको अवगत कराया, ताकि मानवता का कल्याण हो सके. आदि शंकराचार्य ने भारत भर में यात्रा की और चार पीठों की स्थापना की, और राजाओं और शासकों को धर्म की ओर प्रेरित किया.' सीएम योगी की ओर से स्वामी विवाकनंद की महत्वता का भी जिक्र किया गया.

अपनी राय और अपने इलाके की खबर देने के लिए जुड़ें हमारे गूगलफेसबुकx,   इंस्टाग्रामयूट्यूब और वॉट्सऐप कम्युनिटी से.

Read More
Advertisement
Advertisement
Advertisement