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UP: महाकुंभ में एक गरीब नाविक बना करोड़पति, CM योगी ने विधानसभा में सुनाई उसकी सक्सेस स्टोरी

राज्य सरकार के पास इस महाकुंभ के आयोजन से बड़ी मात्रा में रेवेन्यू जेनरेट हुआ है. सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस आयोजन को लेकर यूपी के विधानसभा में एक नाविक की सक्सेस स्टोरी सुनाई है. पढ़िए रिपोर्ट.

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UP: महाकुंभ में एक गरीब नाविक बना करोड़पति, CM योगी ने विधानसभा में सुनाई उसकी सक्सेस स्टोरी
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यूपी के प्रयागराज में महाकुंभ-2025 का आयोजन अब समाप्त हो गया है. इस बार के महाकुंभ की खूब चर्चा हुई. इस बार के महाकुंभ ने लोगों के पहुंचने के मामले में नए किर्तिमान स्थापित किए. करीब 60 करोड़ लोग इस धार्मिक आयोजन में शामिल हुए. इस आयोजन की वजह से यूपी के दूसरे धार्मिक स्थलों में लोगों की बड़ी भीड़ इकट्ठा हुई थी. इस महाकुंभ को लेकर खूब सियासत भी होती हुई दिखाई पड़ी. विपक्ष की ओर से महाकुंभ के दौरान हुए लोगों की मौत और मृतकों की संख्या को लेकर सवाल उठाए गए. साथ ही इसकी सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर भी प्रश्नचिन्ह खड़े किए गए. वहीं सरकार की ओर से इस महाकुंभ को लेकर कई उपलब्धियों को गिनवाया गया है. राज्य सरकार को इस धार्मिक आयोजन से बड़ी मात्रा में रेवेन्यू जेनरेट हुआ है. साथ ही स्थानीय लोगों की भी अच्छी कमाई हुई है. सीएम योगी आदित्यनाथ की ओर से इस आयोजन को लेकर यूपी के विधानसभा में एक नाविक की सक्सेस स्टोरी सुनाई गई. उन्होंने बताया कि कैसे एक नाविक महाकुंभ के दौरान करोड़पति बन गया. 

सीएम योगी ने विधानसभा में कही ये बात
विधानसभा में विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए सीएम योगी ने कहा कि 'महाकुंभ में एक नाविक और उसके परिवार के पास 130 नावें थीं, और पूरे महाकुंभ यानी 45 दिनों में उसने 30 करोड़ रुपए की कमाी की. उसको एक नाव ने 45 दिनों में 23 लाख रुपये की कमाई हासिल हुई. इस नाविक का नाम पिंटू महरा है. महाकुंभ में हुई कमाई से वो और उनकी माता शुक्लावती काफी प्रसन्न हैं. ये लोग मूल रूप से प्रयागराज के नैनी के अरैल का रहने वाले हैं. ये महाकुंभ के आयोजन में होने वाली कमाई का एक बेहतरीन उदाहरण है.' सीएम की ओर से आगे बताया गया कि 'इस महाकुंभ के समय धार्मिकता की अहमियत तो बढ़ी ही. साथ ही जॉब के मौके भी बड़े स्तर पर पैदा हुए. 3,500 से ज्यादा बोटों के द्वारा डेढ़ करोड़ भक्तों ने संगम में डूबकी लगाई. ये आंकड़ा अपने आप में ऐतिहासिक है.'

महाकुंभ के दौरान गरीब नाविकों की जिंदगी बदली
महाकुंभ में नाविकों की हुई कमाई को लेकर नाविक संघ के अध्यक्ष पप्पू लाल निषाद की ओर से भी बयान दिया गया. उन्होंने कहा कि 'महाकुंभ का आयजन हम नाविकों के लिए मां गंगा और मां यमुना का आशिर्वाद की तरह रहा है, हमारे लिए ये एक वरदान साबित हुआ है. नाविकों की अर्निंग के संदर्भ में बताया गया कि महाकुंभ के वक्त एक नाविक की एक दिन की सबसे कम आमदनी भी करीब 15,000 रुपए थी. बताया गया कि गरीब से गरीब नाविकों की जिंदगी इस महाकुंभ के दौरान बदल गई है. उन्होंने अच्छी आमदनी प्राप्त हुई है.

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