भारत
सपा के विधायकों को निकालने के साथ ही योगी सरकार कुछ नेताओं को प्रमोशन के साथ ही अपने कैबिनेट का विस्तार कर सकती है. इसके लेकर चर्चा तेज हो गई है.
उत्तर प्रदेश सरकार एक बार फिर सक कैबिनेट का विस्तार कर सकती है. पार्टी नेताओं से लेकर राजनीतिक गलियारों में इसकी चर्चा शुरू हो गई है. इस चर्चा की शुरुआत समाजवादी पार्टी द्वारा बागी विधायकों को बाहर को रास्ता दिखाने पर हुई है. ऐसे में लगाया जा रहा है कि सपा से निकाले गये ये विधायक अगर भारतीय जनता पार्टी में शामिल होते हैं तो योगी सरकार कैबिनेट का विस्तार कर सकती है.
यूपी में मंत्रिमंडल विस्तार की सुगबुगाहट तेज़ हो गई है. दावा किया जा रहा है कि अगले महीने नवरात्रि के दौरान मंत्रिमंडल का विस्तार हो सकता है. काफी लंबे समय से प्रस्तावित मंत्रिमंडल विस्तार नवरात्र में हो सकता है. अब इसके लिए सिर्फ 1 माह का समय बचा है. सूत्रों के अनुसार मंत्रिमंडल विस्तार के लिए नवरात्रि का समय चुने जाने के पीछे तर्क दिया जा रहा है कि नवरात्रि से पहले कोई अन्य शुभ दिन नहीं हैं.
1-सपा से निष्कासित विधायको में से पूजा पाल और मनोज पांडेय के भाजपा जॉइन करने पर योगी के मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है.
2-कुछ मंत्रियों का प्रमोशन हो सकता है.
3-यूपी में मौजूदा भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी को कैबिनेट मंत्री बनाया जा सकता है.
4-मंत्रियों के विभागों में भी बड़ा बदलाव हो सकता है.
5-योगी के मंत्रिमंडल में कुछ नए चेहरे शामिल हो सकते हैं.
6-ओबीसी और दलितों को संदेश देने के लिए भाजपा योगी कैबिनेट में उनका प्रतिनिधित्व बढ़ा सकती है.
7-पार्टी क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखने पर भी ध्यान दे सकती है.
8-पश्चिमी यूपी से एक ओबीसी भाजपा नेता को मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की संभावना है.
9-सपा के पीडीए कार्ड को तोड़ने के लिए पीडीए वर्ग के नेताओ को मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है.
10-मंत्रिमंडल में नये चेहरों को मौका देने का उद्देश्य कार्यकर्ताओं को 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए संदेश देना भी है कि पार्टी के निष्ठावान कार्यकर्ताओं की अनदेखी नहीं होने दी जाएगी.
अपनी राय और अपने इलाके की खबर देने के लिए जुड़ें हमारे गूगल, फेसबुक, x, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और वॉट्सऐप कम्युनिटी से