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UP BJP President Election: केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल को यूपी के लिए चुनाव अधिकारी नियुक्त किया गया है. उनके लखनऊ पहुंचने पर नामाकंन की प्रक्रिया शुरू होगी.
देश के सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश में इस समय सियासी सरगर्मी बढ़ी हुई है. लेकिन यह सरगर्मी राज्य के चुनाव की नहीं, बल्कि देश-दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष चुनने की. यूपी बीजेपी अध्यक्ष के लिए शनिवार यानी 13 दिसंबर को नामांकन होगा. 14 दिसंबर को ऐलान हो जाएगा का यूपी में बीजेपी का नया सेनापति कौन होगा? ऐसे में सबसे पहले यह जानता हैं कि बीजेपी में प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव होता कैसे है.
यूपी में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव एक निर्धारित प्रक्रिया के तहत होता है. इस प्रक्रिया में लगभग 425 जिलाध्यक्ष/प्रांतीय परिषद सदस्य वोट डालते हैं. बीजेपी के एक्स हैंडल से दी जानकारी के अनुसार, प्रदेश अध्यक्ष चुनाव में 5 लोकसभा सांसद, 8 विधान परिषद सदस्य और 26 विधानसभा सदस्य भी मतदान करेंगे.
केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल को यूपी के लिए चुनाव अधिकारी नियुक्त किया गया है. उनके लखनऊ पहुंचने पर नामाकंन की प्रक्रिया शुरू होगी. 13 दिसंबर को दोपहर 1-2 बजे के बीच नामांकन होगा. नामांकन पत्रों की जांच और नाम वापसी भी इसी दिन होगी. अगर एक ही उम्मीदवार नामांकन करता है तो उसे सर्वसम्मति से चुन लिया जाएगा. यदि एक से अधिक उम्मीदवार हैं तो 14 दिसंबर को सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक मतदान होगा. शाम तक परिणाम घोषित कर दिया जाएगा.
पार्टी नेतृत्व ने गुरुवार को प्रमुख पदाधिकारियों, सांसदों, विधायकों और योगी सरकार के मंत्रियों को लखनऊ तलब किया है, जिससे माना जा रहा है कि संगठनात्मक स्तर पर एक व्यापक चर्चा भी होगी. भाजपा संविधान के अनुसार, प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव प्रांतीय सदस्य करते हैं. आमतौर पर एक ही नाम सर्वसम्मति से तय होने के कारण प्रक्रिया औपचारिक बनकर रह जाती है, लेकिन अगर किसी कारण एक से अधिक उम्मीदवार होते हैं तो चुनाव कराए जाते हैं.
इन नामों की चर्चा
पंकज चौधरी: महाराजगंज से लोकसभा सांसद और केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री हैं. उनका नाम इस रेस में सबसे आगे चल रहा है. वह कुर्मी जाति से आते हैं. बीजेपी नेतृत्व भी उन पर काफी भरोसा जताता है.
बीएल वर्मा: बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष की रेस में उपभोक्ता और खाद्य विभाग के केंद्रीय राज्य मंत्री का नाम भी है.
बाबूराम निषाद: ओबीसी फैक्टर की वजह से बीजेपी इन पर भी दांव खेल सकती है. बाबूलाल निषाद राज्यसभा सांसद हैं और बुंदेलखंड में इनका अच्छा दबदबा है.
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