भारत
एयर इंडिया के अहमदाबाद क्रैश की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट पर पायलट एसोसिएशन (ALPA इंडिया) ने तीव्र चिंता व्यक्त की है. ALPA के अध्यक्ष कप्तान सैम थॉमस ने जांच प्रक्रिया की आलोचना की और आरोप लगाया कि रिपोर्ट ऐसे संकेत दे रही है जैसे पायलट को दोषी माना जा रहा हो, जबकि वास्तविकता स्पष्ट नहीं है.
पिछले महीने अहमदाबाद एयरपोर्ट पर एयर इंडिया का विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था. 12 जून, 2025 को हुई इस दुर्घटना की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट कुछ दिन पहले जारी हुई. उस रिपोर्ट ने फ़्यूल कंट्रोल स्विच के आकस्मिक एवं असामान्य बंद होने की बात उजागर की जिससे इंजन फ्यूल कट गया और विमान अधर में ही संकट में फंसा.
शनिवार (12 जुलाई, 2025) को अलायंस ऑफ एयरलाइन पायलट एसोसिएशन (ALPA) के अध्यक्ष कप्तान सैम थॉमस ने AAIB की रिपोर्ट की कड़ी आलोचना की. उन्होंने कहा कि रिपोर्ट की प्रकृति यह संकेत देती है कि पायलट उपची फुल दोषी हैं “जांच एक ऐसी दिशा में जा रही है जो पायलट दोषी मानने की प्रवृत्ति दिखाती है”. दुख की बात यह है कि मीडिया द्वारा पहले ही संवेदनशील जानकारी प्राप्त कर ली गई, जबकि पायलटों को रिपोर्ट से अंधे रहने पर मजबूर किया गया .
ALPA ने AAIB के गोपनीयता प्रबंध पर गंभीर आपत्ति व्यक्त की “इतनी महत्वपूर्ण रिपोर्ट बिना किसी आधिकारिक हस्ताक्षर के मीडिया को कैसे दे दी गई?” यह सवाल उन्होंने उठाया. उन्होंने कहा कि इस तरह बिना जिम्मेदार हस्ताक्षर के दस्तावेज जारी करना “गंभीर समस्या” है और तुरंत सुधार की आवश्यकता है .
ALPA ने जांच प्रक्रिया में अपनी सहभागिता की सिफारिश की “हम अनुरोध करते हैं कि हमें पर्यवेक्षक के रूप में जांच में शामिल किया जाए ताकि पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित हो सके”. उनका मानना है कि तकनीकी और पेशेवर पायलट विशेषज्ञता जांच की गुणवत्ता और संतुलन दोनों को मजबूत करेगी.