Advertisement

DGCA ने वीकली ऑफ का फैसला वापस लिया, वीकली ऑफ की जगह लीव नहीं लगा सकते | इंडिगो संकट के बाद फैसला वापस लिया, पायलट के रेस्ट के घंटे पहले की तरह रहेंगे | पीएम मोदी के साथ बातचीत के बाद पुतिन ने साफ किया, भारत को बिना रोक-टोक के तेल देंगे | द्विपक्षीय बैठक के बाद राष्ट्रपति पुतिन का बयान- सुरक्षा और अर्थव्यवस्था पर बात हुई, भारत को फ्यूल की सप्लाई जारी रहेगी, रूस भारतीय सेना के आधुनिकीकरण में भी सहयोग देगा | पुतिन के साथ बातचीत के बाद पीएम मोदी का बयान- भारत-रूस में कई दशक से ऐतिहासिक संबंध, आर्थिक मजबूती दोनों देशों का लक्ष्य, आतंक के खिलाफ लड़ाई में दोनों देश साथ | इंडिगो संकट पर सरकार गंभीर, नागर विमानन मंत्रालय ने मॉनिटरिंग के लिए अलग कंट्रोल रूम बनाया, एयरलाइंस की रियल टाइम अपडेट, किरायों पर निगरानी

स्टालिन के बयान से धर्म संकट में INDIA गठबंधन, ममता बोलीं 'किस आधार पर की ऐसी टिप्पणी'

Udhayanidhi Stalin Sanatana Dharma Row: ममता बनर्जी ने कहा, 'उदयनिधि स्टालिन की सनातन धर्म के बारे में कही बातों से मैं सहमत नहीं हूं. हमें यह याद रखना चाहिए कि हर धर्म के लोगों की अपनी भावनाएं होती हैं.'

स्टालिन के बयान से धर्म संकट में INDIA गठबंधन, ममता बोलीं 'किस आधार पर की ऐसी टिप्पणी'
Add DNA as a Preferred Source

डीएनए हिंदी: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के बेटे और मंत्री उदयनिधि स्टालिन द्वारा सनातन धर्म पर की गई टिप्पणी ने INDIA गठबंधन को धर्म संकट में डाल दिया है. बीजेपी, संघ और वीएचपी सहित तमाम हिंदू संगठन इस मुद्दे पर विपक्षी गठबंधन इंडिया को घेरने में लगे हैं. इस मामले में अब पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का भी बयान आया है. ममता ने स्टालिन की हालिया टिप्पणियों को खारिज कर दिया और कहा कि सभी को ऐसी कोई भी टिप्पणी करने से बचना चाहिए जो किसी भी धर्म के लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचा सकती है.

ममता बनर्जी ने कहा, 'मैं इस बारे में बिल्कुल स्पष्ट नहीं हूं कि उन्होंने ऐसी टिप्पणियां क्यों कीं और किस आधार पर कीं. वह एक कनिष्ठ राजनीतिज्ञ हैं. इसलिए मैं उनकी कही गई बातों की निंदा नहीं करना चाहती. लेकिन साथ ही मैं यह भी कहना चाहूंगी कि हर किसी को इससे बचना चाहिए. वह जो टिप्पणियां करते हैं, उससे किसी भी धर्म के लोगों की भावनाएं आहत हो सकती हैं.'

ये भी पढ़ें- Bypolls: 6 राज्य, 7 विधानसभा सीट, INDIA गठबंधन का पहला टेस्ट आज  

'हर धर्म की भावनाओं का सम्मान करना हमारा कर्तव्य'
ममता ने कहा कि हालांकि वह तमिलनाडु और पूरे दक्षिण भारत के लोगों का सम्मान करती हैं, लेकिन वह मुख्यमंत्री और द्रमुक प्रमुख एम.के. स्टालिन के बेटे उदयनिधि स्टालिन की सनातन धर्म के बारे में कही बातों से सहमत नहीं हैं. उन्होंने कहा कि हमें यह भी याद रखना चाहिए कि हर धर्म के लोगों की अपनी भावनाएं होती हैं. भारत एकता और विविधता पर आधारित है. इसलिए यह हमारा कर्तव्य है कि हम किसी की भावना को ठेस न पहुंचाएं.

बंगाल की सीएम ने यह भी कहा कि सनातन धर्म के प्रति उनके मन में बहुत सम्मान है और उनका मानना है कि लोगों को वेदों से बहुत कुछ सीखना चाहिए. ममता ने कहा कि पश्चिम बंगाल में हमने हिंदू पुजारियों को वित्तीय सहायता देने की व्यवस्था की है.

यह भी पढ़ें- मराठा आरक्षण के लिए पढ़ाई छोड़ी, जमीन बेची, जानिए कौन हैं इस आंदोलन के नेता मनोज जारांगे पाटिल

क्या कहा था उदयनिधि स्टालिन ने?
तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन के बेटे उदयनिधि स्टालिन ने सनातन उन्मूलन सम्मेलन में कहा था, 'सनातन का न सिर्फ विरोध होना चाहिए, बल्कि इसे समाप्त कर देना चाहिए. सनातन धर्म सामाजिक न्याय और समानता के खिलाफ है. कुछ चीजों का विरोध नहीं किया जा सकता, उन्हें खत्म करना ही बेहतर होता है. हम डेंगू, मच्छर, मलेरिया या कोरोना का विरोध नहीं कर सकते. हमें इसे मिटाना है. इसी तरह हमें सनातन को भी मिटाना है.'

देश-दुनिया की ताज़ा खबरों Latest News पर अलग नज़रिया, अब हिंदी में Hindi News पढ़ने के लिए फ़ॉलो करें डीएनए हिंदी को गूगलफ़ेसबुकट्विटर और इंस्टाग्राम पर.

Read More
Advertisement
Advertisement
Advertisement