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टीवीके विजय की रैली में भगदड़ की सीएम स्टालिन ने न्यायिक जांच के आदेश दिए, पीड़ित परिवारों को देंगे 10 लाख रुपये  

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने 27 सितंबर को करूर में विजय की राजनीतिक रैली में हुई भगदड़ की न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं. रैली में 36 लोगों की जान चली गई और कई घायल हुए थे.मृतक परिवारों के लिए 10 लाख रुपये और घायलों के लिए 1 लाख रुपये की अनुग्रह राशि की भी घोषणा की गई है.

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टीवीके विजय की रैली में भगदड़ की सीएम स्टालिन ने न्यायिक जांच के आदेश दिए, पीड़ित परिवारों को देंगे 10 लाख रुपये  

टीवीके विजय रैली भगदड़ की होगी न्यायिक जांच

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तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने 27 सितंबर को करूर में तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) प्रमुख और अभिनेता विजय की एक राजनीतिक रैली में हुई भगदड़ की न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं. इस रैली में 36 लोगों की मौत हो गई थी और कई घायल हो गए थे. उन्होंने मृतकों के परिवारों के लिए 10-10 लाख रुपये के मुआवजे की भी घोषणा की है.

मुख्यमंत्री स्टालिन ने घायलों और इलाज करा रहे लोगों के लिए एक-एक लाख रुपये की घोषणा की. उन्होंने सभी अस्पतालों को सर्वोत्तम संभव चिकित्सा सहायता प्रदान करने का निर्देश दिया और मंत्रियों और अधिकारियों को राहत कार्यों की निगरानी के लिए घटनास्थल पर पहुँचने का निर्देश दिया. मुख्यमंत्री ने बताया कि करूर में टीवीके प्रमुख विजय की विशाल रैली के दौरान मची भगदड़ में आठ बच्चों और 16 महिलाओं सहित 36 लोगों की मौत हो गई.

 

 
समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, मुख्यमंत्री स्टालिन ने घोषणा की है कि इस दुखद घटना की जाँच के लिए उच्च न्यायालय की सेवानिवृत्त न्यायाधीश अरुणा जगदीशन की अध्यक्षता में एक जाँच आयोग का गठन किया जाएगा. उन्होंने कहा, "यह विनाशकारी समाचार पाकर मुझे गहरा दुःख और पीड़ा हुई है. इस अपूरणीय क्षति ने हमारे राज्य की अंतरात्मा को झकझोर दिया है. मैं शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना और सहानुभूति व्यक्त करता हूं."
 
उन्होंने आगे कहा, "मैं आज रात व्यक्तिगत रूप से करूर जाकर शोक संतप्त परिवारों को सांत्वना दूंगा तथा अस्पतालों में इलाज करा रहे घायलों से मिलूंगा."

 

तमिलनाडु टीवीके विजय रैली भगदड़ के बारे में विवरण
अभिनेता से नेता बने और तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) पार्टी के प्रमुख विजय, तमिलनाडु के करूर में एक रैली को संबोधित कर रहे थे, जिसमें हज़ारों समर्थक शामिल हुए. हालाँकि पुलिस ने 10,000 लोगों के लिए अनुमति दी थी, लेकिन रैली के दौरान भीड़ लगभग 30,000-50,000 तक पहुँच गई. विजय छह घंटे देरी से कार्यक्रम स्थल पर पहुँचे, जिससे अशांति और बढ़ गई.

जैसे ही विजय ने रैली को संबोधित करना शुरू किया, हज़ारों की संख्या में उपस्थित लोगों ने भीड़ को मंच की ओर धकेल दिया, बैरिकेड्स तोड़ दिए और भगदड़ मच गई. बच्चों और महिलाओं सहित कई उपस्थित लोग घुटन और कम वेंटिलेशन के कारण बेहोश हो गए. इस पर विजय ने अपना भाषण बीच में ही रोक दिया और मुसीबत में फंसे लोगों की मदद के लिए पानी की बोतलें फेंकीं.
 
बेहोश हुए लोगों को तुरंत पास के अस्पतालों में ले जाया गया, और कई लोगों ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया. पुलिस अधिकारी अनुमत क्षमता और वास्तविक उपस्थिति के बीच के अंतर की जाँच कर रहे हैं.

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