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'वे अधजली अवस्था में भाग रहे थे....' जयपुर एलपीजी टैंकर ब्लास्ट में झुलसे 30 लोगों को 20 साल के लड़के ने ऐसे बचाया

जयपुर में एलपीजी टैंकर ब्लास्ट में अब तक 41 लोगों की जान जा चुकी है. बहुत से लोग झुलसे हुए हैं, जिनका इलाज चल रहा है. इस बीच एक 20 साल का लड़का हीरो की तरह सभी के सामने आया और 30 की जान बचाई.

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'वे अधजली अवस्था में भाग रहे थे....'  जयपुर एलपीजी टैंकर ब्लास्ट में झुलसे 30 लोगों को 20 साल के लड़के ने ऐसे बचाया
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Jaipur LPG Gas Tanker Explosion: जयपुर में एलपीजी टैंकर विस्फोट की लपटें अभी भी नहीं बुझी हैं. अभी पीड़ितों का दर्द कराह रहा है. बता दें, शुक्रवार को एलपीजी टैंकर और ट्रक के बीच हुई टक्कर के बाद भीषण आग लगने के बाद, करीब 30 जले हुए पीड़ितों ने जयपुर-अजमेर राष्ट्रीय राजमार्ग के पास एक फार्महाउस में शरण ली. खेत पर बने अस्थायी आश्रय में रह रहे परिवार की आंख उनके आसपास चिल्लाती आवाजों को सुनकर खुलीं. उन्होंने जब दरवाजा खोला तो सामने एक भयावह दृश्य देखने को मिला.  

कैसे बचाई 20 साल के लड़के ने जान?
TOI में छपी खबर के मुताबिक, परिवार के मुखिया भंवर लाल ने बताया कि वे कपड़ों, पानी की भीख मांग रहे थे. कुछ ऐसा भी मांग रहे थे जिससे उनका दर्द कम हो जाए. उनकी स्किन झुलस चुकी थी और बहुत मुश्किल से बोल पा रहे थे. रिपोर्ट में कहा गया है कि हालांकि 1.5 किलोमीटर की दूरी पर एक निजी अस्पताल 'कंदोई' है, लेकिन बीच में एक आठ फूट की बाउंड्री आ रही थी जिसकी वजह से खेत और अस्पताल के बीच रास्ता रुक रहा था.  गंभीर रूप से जल चुके लोगों के लिए इस दीवार पर चढ़कर पार करना मुश्किल था. तभी 20 साल के राकेश सैनी एक फरिश्ता बनकर सामने आए. किसान परिवार से आने वाले राकेश सैनी ने न आव देखा न ताव. उन्होंने  एक सीढ़ी उठाई और दीवार के ऊपर एक अस्थायी मार्ग बनाया.

TOI ने सैनी के हवाले से कहा, मैंने कम से कम 30 लोगों को आग की लपटों से हमारे खेतों में भागते देखा. वे दर्द से चिल्ला रहे थे, उनके कपड़े जल गए थे. मैंने बिना समय गंवाए, सीढ़ी उठाई और उनकी मदद की. सैनी को यह समझ आ गया था कि पीड़ित जले हुए हैं तो दीवार को पार नहीं कर पाएंगे,  इसलिए उसने सीढ़ी का इस्तेमाल किया.  

डॉक्टर ने बताई भयावहता
कोंदई अस्पताल के मालिक रमन कोंदई ने घटना की भयावहता बताते हुए कहा, 'करीब 30 लोग जली हुई अवस्था में आए और मदद की गुहार लगाई. उनकी त्वचा जल रही थी और दर्द से कराह रहे थे. एक डॉक्टर होने के बावजूद मेरे लिए ये सीन देखना डरावना था.' डॉक्टर कोंदई और उनकी पत्नी ने तुरंत शुरुआती इलाज शुरू किया.  डॉक्टर ने आगे बताया कि हमने शुरुआती इलाज के बाद पीड़ितों को SMS अस्पताल में भर्ती कराया. उन्होंने बताया कि करीब 10 लोग ऐसे थे जो 60 प्रतिशत जल चुके थे. 

मृतकों की संख्या हुई 14
जयपुर-अजमेर हाईवे पर एलपीजी टैंकर दुर्घटना में शनिवार को मृतकों की संख्या 14 हो गई. अधिकारियों ने बताया कि भीषण दुर्घटना में झुलसे 30 से अधिक लोगों का उपचार चल रहा है. सवाई मान सिंह (एसएमएस) अस्पताल के अधीक्षक डॉ. सुशील भाटी ने बताया, 'कल पांच जले हुए शव मिले थे. आठ अन्य की मौत हो गई है. अब तक कुल 14 लोगों की मौत हो चुकी है. 27 मरीज एसएमएस अस्पताल में भर्ती हैं और उनका उपचार चल रहा है. सात वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं.' उन्होंने बताया कि एक और मृतक का शव दूसरे अस्पताल ले जाया गया है. भाटी ने बताया कि पांच शवों की अभी पहचान नहीं हो पाई है.


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क्या थी घटना
बता दें, शुक्रवार तड़के भांकरोटा इलाके में हाईवे पर एक ट्रक ने एलपीजी टैंकर को टक्कर मार दी, जिससे भीषण आग लग गई और 35 से अधिक वाहन इसकी चपेट में आ गए. हादसे में घायल हुए अधिकांश लोग एसएमएस अस्पताल की 'बर्न यूनिट' में भर्ती हैं.

 

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