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शारदा ने सोशल मीडिया पर अपने सांवले रंग को लेकर एक तगड़ा पोस्ट किया है. अब यह पोस्ट से तेजी से वायरल हो रहा है. यूजर्स कह रहे हैं, 'प्राउड ऑफ यू मैम.'
Sharda Muralidharan news: सोशल मीडिया पर एक नाम तेजी से तैर रहा है और वह है शारदा मुरलीधरन. शारदा मुरलीधरन केरल की मुख्य सचिव हैं. शारदा ने सोशल मीडिया पर अपने सांवले रंग को लेकर एक तगड़ा पोस्ट किया है. अब यह पोस्ट से तेजी से वायरल हो रहा है. यूजर्स कह रहे हैं, 'प्राउड ऑफ यू मैम.'
शारदा मुरलीधरन ने सोशल मीडिया पर लिखा, मैं 50 साल से अधिक समय से अपने रंग को लेकर दबी रही हूं. अब उनके पोस्ट के बाद नस्लीय भेद और लिंग भेद को लेकर एक नई चर्चा शुरू हो गई है.
शारदा मुरलीधरन ने सोशल मीडिया साइट फेसबुक पर तब ये पोस्ट लिखा जब एक यूजर ने उनकी तुलना उनके पति से करते हुए लिखा, शारदा उतनी काली हैं जितने उनके पति गोरे हैं. इसके बाद शारदा ने लिखा, 'मुझे अपने काले रंग को स्वीकार करना होगा.' फिर उन्होंने इसे डिलीट कर दिया. बाद में फिर से रिपोस्ट किया. फिर उन्होंने लिखा, 'यह वह पोस्ट है जिसे मैंने सुबह लिखा था और फिर मैंने डिलीट कर दिया था क्योंकि मुझे प्रतिक्रियाओं की झड़ी का डर था. मैं इसे रिपोस्ट कर रही हूं क्योंकि कुछ शुभचिंतकों ने कहा कि ऐसी बातों पर चर्चा की जरूरत है. मैं भी उनकी बातों सहमत हुई और इसे फिर से पोस्ट कर रही हूं.' इसके बाद शारदा ने एक लंबा पोस्ट लिखा. जो इस तरह है, 'मैं इस विशेष पर बात क्यों करना चाहती हूं क्योंकि मुझे दुख हुआ. फिर ये पिछले सात महीनों से मेरे पूर्ववर्ती के साथ की गई तुलनाओं का एक निरंतर सिलसिला रहा. मैं काफी हद तक अभ्यस्त हो चुकी हूं. यह काले रंग का लेबल होने के बारे में है, जिसे पर मैं चुप रही.'
मुरलीधरन ने आगे लिखा, 'काला वही है जो काला करता है. न केवल रंग काला है, ब्कि काला वह जो कभी अच्छा नहीं करता, काला तो अंधेरे दिल वाला है, लेकिन काले रंग को क्यों बदन किया जाना चाहिए? काला तो ब्रह्मांड का सच है. काला वह रंग जो सबकुछ अवशोषित कर सकता है. यह वह रंग है जो सभी के लिए काम करता है. जैसे ऑफिस के लिए ड्रेस कोड, काजल और बारिश का वादा है.'
अधिकारी ने पोस्ट में आगे लिखा, 'जब मैं चार साल की थी तब मां से अक्सर पूछा करती थी कि क्या मुझे फिर अपने गर्भ में डाल सकती हूं ताकि इस बार मैं गोरी और सुदंर पैदा होऊं. मैं 50 सालों से उस विचार के नीचे दबी हुई हूं कि मेरा रंग अच्छा नहीं है. और मैं उस काहनी में यकीन करती हूं कि मैं काले रंग में सुंदरता या मूल्य नहीं देखती. न ही गोरी त्वचा मुझे मोहित हो जाती हूं और यह महसूस करती हूं कि ऐसा न होने की वजह से मैं कमतर इंसान नहीं हूं, जिसकी भरपाई किसी तरह से करनी है.'
शारदा मुरलीधरन 1990 बैच की IAS अधिकारी हैं. शारदा ने सितंबर 2024 में अपने पति डॉ. वी वेणु से केरल के मुख्य सचिव का पद संभाला है. शारदा ने दिसंबर 2013 तक भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय के राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन में मुख्य परिचालन अधिकारी के रूप में काम किया है. शारदा ने कई पदों पर काम किया है.
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शारदा के पोस्ट को सोशल मीडिया पर खूब सराहा जा रहा है. कई यूजर्स उन्हें अपना प्रेरणा का स्रोत मान रहे हैं. वहीं, एक यूजर ने फेसबुक पर शारदा का पोस्ट रिशेयर करते हुए लिखा, 'प्राउड ऑफ यू मैम.'
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