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'ये नई जनरेशन के लड़के ओवर स्मार्ट बनते हैं, उन्हें कोर्ट की पावर...', समय रैना का जिक्र कर क्या बोला सुप्रीम कोर्ट

समय रैना का जिक्र कर सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि ये नई जेनेरेशन खुद को बहुत ओवरस्मार्ट समझती है. उन्हें नहीं पता कि कोर्ट के पास कितनी शक्तियां हैं! साथ ही कोर्ट ने केंद्र सरकार को भी निर्देश दिए हैं.

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'ये नई जनरेशन के लड़के ओवर स्मार्ट बनते हैं, उन्हें कोर्ट की पावर...',  समय रैना का जिक्र कर क्या बोला सुप्रीम कोर्ट
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सुप्रीम कोर्ट ने 'इंडियाज गॉट लेटेंट' शो में भद्दी टिप्पणी पर सुप्रीम कोर्ट ने यूट्यूबर रणवीर इलाहाबादिया और आशीष चंचलानी की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए समय रैना का जिक्र किया और कहा कि विवाद से जुड़े चार लोगों में से एक कनाडा भाग गया. कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए कहा कि ये यंग जेनेरेशन खुद को बहुत ओवरस्मार्ट समझती है. उसे नहीं पता कि कोर्ट के पास कितनी शक्तियां हैं! वो जिम्मेदार की तरह पेश आए अन्यथा हम जानते हैं कि ऐसे लोगों से कैसे डील करना है!

'उन्हें कोर्ट की शक्तियां नहीं पता'
समय रैना को लेकर जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि एक आरोपी कनाडा जाकर अदालती कार्यवाही का मजाक बना रहा है. ये नई जनरेशन के लड़के ओवर स्मार्ट बनते है! उसे नहीं पता कि कोर्ट के पास कितनी शक्तियां हैं! वो जिम्मेदार की तरह पेश आए अन्यथा हम जानते हैं कि ऐसे लोगों से कैसे डील करना है! जज की बात पर सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सहमति जताते हुए कहा, 'हां, खुद विदेश भाग गया और फिर कार्यवाही का मजाक बना रहा है.' 

णवीर इलाहाबादिया को राहत
रणवीर इलाहाबादिया को आज सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. सुप्रीम कोर्ट ने एक शर्त पर 'द रणवीर शो' शुरू करने की छूट दी है. बता दें कि इंडियाज गॉट लेटेंट मामले में चल रहे केस में यूट्यूबर और पॉडकास्ट करने वाले रणवीर इलाहाबादिया ने सुप्रीम कोर्ट में एक आवेदन दायर किया था. रणवीर ने कोर्ट के आदेश के एक हिस्से को हटाने की मांग की थी, जिसमें उन्हें अपने शो प्रसारित करने से रोक दिया गया था. रणवीर के वकील ने ये दलील दी कि उनके पास 280 कर्मचारी हैं और यह उनकी आजीविका है.


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केंद्र को अहम निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा कि वो सोशल मीडिया ऑनलाइन कंटेट पर अश्लील, आपत्तिजनक कंटेंट को रोकने के लिए रेगुलेटरी मेकनिजम बनाए. ऐसी व्यवस्था बनाए जिसके चलते अभिव्यक्ति की आजादी के अधिकार का हनन न हो और ऐसे कंटेट को भी रोका जा सके. इसके ड्राफ्ट को कोई कानूनी रूप देने से पहले तमाम स्टेकहोल्डर्स से रायशुमारी लें. 

 

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