भारत
Rajnath Singh: डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ फैसले के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत के लिए कोई स्थायी दोस्त या दुश्मन नहीं, केवल राष्ट्रीय हित सर्वोपरि हैं. रक्षा मंत्री ने मौजूदा हालात को लेकर कहा कि हमें हर कदम सोच-समझकर उठाना होगा.
Rajnath Singh: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने के फैसले ने दुनियाभर में हलचल मचा दी है. ऐसे समय में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारत की स्थिति साफ की. उन्होंने कहा कि बदलते वैश्विक हालात में कोई स्थायी दोस्त या दुश्मन नहीं होता, केवल राष्ट्रीय हित सबसे ऊपर होते हैं. राजनाथ सिंह का यह बयान न सिर्फ आत्मनिर्भर भारत की दिशा में कदम है बल्कि बदलते वैश्विक समीकरणों के बीच भारत के स्पष्ट रुख को भी दर्शाता है.
दरअसल, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने NDTV Defence Summit 2025 में वैश्विक हालात और भारत की रणनीति पर खुलकर बात की. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए 50 प्रतिशत टैरिफ का सीधा जिक्र किए बिना उन्होंने साफ किया कि भारत अपने राष्ट्रीय हितों से समझौता नहीं करेगा. उन्होंने कहा, "इस दुनिया में कोई परमानेंट दोस्त या दुश्मन नहीं है. आज हालात तेजी से बदल रहे हैं, ऐसे में हमें हर कदम सोच-समझकर उठाना होगा."
उन्होंने कहा कि महामारी, आतंकवाद और क्षेत्रीय संघर्षों ने इस सदी को सबसे अस्थिर और चुनौतीपूर्ण बना दिया है. इन परिस्थितियों में आत्मनिर्भरता भारत के लिए विकल्प नहीं बल्कि आवश्यकता है. उन्होंने कहा, "पहले आत्मनिर्भरता को एक लाभ समझा जाता था, लेकिन अब यह हमारे अस्तित्व और प्रगति के लिए जरूरी हो गई है."
रक्षा मंत्री ने बताया कि 2014 में भारत का रक्षा निर्यात 700 करोड़ रुपये से भी कम था, लेकिन आज यह लगभग 24,000 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है. यह साबित करता है कि भारत अब केवल रक्षा उपकरण खरीदने वाला देश नहीं, बल्कि उत्पादक और निर्यातक भी बन रहा है. राजनाथ सिंह ने सेना की क्षमताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारे बलों ने स्वदेशी तकनीक से सटीक ऑपरेशन किए हैं. उन्होंने आगे कहा कि किसी मिशन की सफलता अचानक नहीं मिलती, इसके पीछे वर्षों की तैयारी और रणनीति छिपी होती है.
उन्होंने नौसेना के संकल्पों की भी सराहना की और कहा कि अब सभी युद्धपोत देश में ही डिजाइन और निर्मित किए जा रहे हैं. उन्होंने INS हिमगिरि और INS उदयगिरि का जिक्र करते हुए कहा कि नीलगिरि क्लास के ये जहाज पूरी तरह भारतीय डिजाइन पर आधारित हैं. रक्षा मंत्री ने कहा, "नौसेना ने यह तय किया है कि अब किसी अन्य देश से युद्धपोत नहीं खरीदे जाएंगे, बल्कि भारत में ही तैयार किए जाएंगे."
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