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'देश में केवल दो सिस्टम या तो विधानसभा रहित UT या फिर...', J-K का पहला बजट पेश कर और क्या बोले उमर अब्दुल्ला

जम्मू-कश्मीर में उमर अब्दुल्ला ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 1.12 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया, जिसमें कल्याण और विकास पर खास जोर दिया गया है. नए बजट में राज्य का दर्जा बहाल करने की दिशा में काम करने की बात भी कही गई.

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'देश में केवल दो सिस्टम या तो विधानसभा रहित UT या फिर...', J-K का पहला बजट पेश कर और क्या बोले उमर अब्दुल्ला
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Omar Abdullah presents Jammu and Kashmir budget: जम्मू-कश्मीर में शुक्रवार को सात सालों में जम्मू-कश्मीर का पहला बजट पेश किया गया और वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 1.12 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया, जिसमें कल्याण और विकास पर खास जोर दिया गया है. वहीं, इस मौके पर उन्होंने कहा, 'मैं अब भी मानता हूं कि विधानसभा वाला केंद्र शासित प्रदेश देश में अब तक का सबसे खराब शासन तंत्र है. मुझे यह कहने में कोई झिझक नहीं है. इस देश में केवल दो ही व्यवस्थाएं होनी चाहिए- या तो आपके पास विधानसभा रहित केंद्र शासित प्रदेश हो या फिर राज्य.' नए बजट का उद्देश्य युवाओं और महिलाओं को सशक्त बनाना, क्षेत्रीय असमानताओं को दूर करना और राज्य का दर्जा बहाल करने की दिशा में काम करना है. 

J-K बजट की खास बातें

सीएम अब्दुल्ला ने अपने बजट भाषण में कहा कि यह एक नए और समृद्ध जम्मू कश्मीर का खाका है, जो लोगों की आकांक्षाओं को दर्शाता है और आर्थिक वृद्धि, सामाजिक प्रगति और टिकाऊ विकास के लिए एक मजबूत नींव रखता है. उन्होंने बजट में गरीबों को मुफ्त बिजली और महिलाओं के लिए सरकारी बसों में मफ्त यात्रा, पत्रकारों के लिए उनके कामकाज के लिए बेहतर सुविधा की घोषणा की है.

बजट में समावेशी विकास, राजकोषीय समझदारी और बुनियादी ढांचे, कृषि, उद्योग, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और डिजिटल शासन में रणनीतिक निवेश को प्राथमिकता दी गई है. सीएम ने कहा, 'हमारा लक्ष्य क्षेत्रीय असमानताओं को पाटना, युवाओं और महिलाओं को सशक्त बनाना और निवेश और नवाचार को आकर्षित करने के लिए व्यापार के अनुकूल माहौल को बढ़ावा देना है.'

वित्त वर्ष 2025-26 के लिए कुल शुद्ध बजट अनुमान 1,12,310 करोड़ रुपये है, जिसमें अर्थोपाय ऋण और ओवरड्राफ्ट के प्रावधान शामिल नहीं हैं. अपेक्षित राजस्व प्राप्तियां 97,982 करोड़ रुपये और पूंजीगत प्राप्तियां 14,328 करोड़ रुपये हैं. इसी तरह, राजस्व व्यय 79,703 करोड़ रुपये और पूंजीगत व्यय 32,607 करोड़ रुपये होने का अनुमान है. इसके अलावा जम्मू कश्मीर के लिए केंद्रीय सहायता के रूप में 41,000 करोड़ रुपये मिलने का भी अनुमान बजट में जताया गया है.

अब्दुल्ला ने 2025-26 के लिए कर एवं जीडीपी अनुपात 7.5 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया. वहीं, राजकोषीय घाटा जम्मू कश्मीर के जीडीपी का 3.0 प्रतिशत रहने का अनुमान है. उन्होंने कहा कि 2025-26 के लिए सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 2,884,22 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 9.5 प्रतिशत अधिक है.

कृषि के लिए 2.88 लाख रोजगार सृजित करने के लिए 815 करोड़ रुपए का आवंटन किया गया है. राज्य की योजना दो-फसल पैटर्न को बढ़ावा देने और बागवानी का विस्तार करने की है. स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए ऊन प्रसंस्करण और चमड़ा कमाना उद्योगों पर भी ध्यान दिया जाएगा.
 
सरकार जम्मू-कश्मीर को फिल्म निर्माण और इको-टूरिज्म के लिए एक प्रमुख गंतव्य बनाने के लिए एक नई फिल्म नीति को लागू करने की योजना बना रही है. इसके अतिरिक्त, 500 नए पंचायत घरों का निर्माण स्थानीय बुनियादी ढांचे में सुधार का हिस्सा है.

 


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विपक्ष ने साधा निशाना

अब्दुल्ला के इस बजट की आलोचना विपक्षी दलों ने की है. उन्होंने इस बजट को 'धोखा और पूर्ण रूप' से विफल माना है. पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी ने कहा कि इसने सत्तारूढ़ नेशनल कॉन्फ्रेंस के वादों और उनके शासन की वास्तविकता के बीच अंतर को सामने रख दिया है. वहीं, भाजपा ने भी इस बजट की आलोचना की. पीडीपी ने कहा की जम्मू-कश्मीर के लोग ईमानदार शासन के हकदार हैं, टूटे हुए वादों के नहीं.'

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