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रायपुर के माना में स्थित नवोदय विद्यालय से एक बहुत ही दुखद खबर सामने आई है. यहां हॉस्टल में रहने वाले कुछ बच्चों की उनके ही शिक्षक और वार्डन ने बुरी तरह पिटाई कर दी.
रायपुर के माना नवोदय विद्यालय के हॉस्टल में देर रात कुछ बच्चों को मोबाइल पर गलत वीडियो देखते हुए पकड़ा गया. जब हॉस्टल के वार्डन ने यह बात शिक्षक डीके सिंह को बताई, तो दोनों ने मिलकर बच्चों को छड़ी और रॉड से पीटना शुरू कर दिया. यहां तक कि एक बच्चे ने यह भी आरोप लगाया है कि शिक्षक ने उसके प्राइवेट पार्ट पर भी मारने की कोशिश की.
सजा या बर्बरता
मामूली अनुशासनहीनता की सजा इतनी भयानक हो सकती है, इसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की होगी. आरोप है कि शिक्षक डी.के सिंह ने बुधवार रात को 10वीं और 12वीं कक्षा के चार छात्रों को मोबाइल इस्तेमाल करते हुए पकड़ा. इसके बाद, सजा देने के नाम पर जो हुआ, वह किसी अपराध से कम नहीं था. छात्रों पर लोहे की रॉड और डंडों से हमला किया गया.
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छाती पर मारी लात, प्राइवेट पार्ट पर किया वार
पिटाई का शिकार हुए छात्रों ने आपबीती सुनाई, वह बेहद चौंकाने वाली है. पीड़ित छात्रों ने बताया कि शिक्षक ने न केवल उन्हें पीटा, बल्कि जानवरों जैसा सलूक किया. एक छात्र ने रोते हुए बताया, "सर ने मुझे बूट पहनकर छाती पर लात मारी और मेरे प्राइवेट पार्ट को भी निशाना बनाया." उनके शरीर पर पिटाई के गहरे नीले निशान साफ देखे जा सकते हैं, जो इस घटना की गंभीरता को दर्शाते हैं.
अभिभावकों का गुस्सा
यह खबर जल्द ही अभिभावकों तक पहुंच गई. अपने बच्चों के साथ हुई इस हैवानियत की सूचना मिलते ही उनका गुस्सा फूट पड़ा. कई अभिभावकों ने स्कूल पहुंचकर प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी जाहिर की और आरोपी शिक्षक को तत्काल बर्खास्त कर उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की. मामले की गंभीरता को समझते हुए, प्राचार्य ने तत्काल एक जांच कमेटी का गठन कर दिया है. उन्होंने अभिभावकों को आश्वासन दिया है कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा.
प्रिंसिपल लक्ष्मी ने कहा मारना गलत
पहले उन्होंने माना कि मारना गलत है, लेकिन फिर यह कहकर मामले को हल्का करने की कोशिश की कि "मारपीट इतनी गंभीर नहीं है, जितना इसे दर्शाया जा रहा है." उन्होंने छात्रों पर 'एडल्ट कंटेंट' देखने और वार्डन से बहस करने का आरोप भी लगाया, जिसका छात्रों ने खंडन किया है.
आरोपी शिक्षक बोले- मैं क्रिमिनल नहीं, मुझे देखकर फेंका मोबाइल
आरोपी शिक्षक डी.के सिंह ने कहा कि मुझे क्रिमिनल की तरह फ्रेम किया जा रहा है. मैं टीचर हूं. केयर टेकर यानी की हॉस्टल वार्डन के कहने पर मौके पर पहुंचा था. बच्चों ने मुझे देखते ही मोबाइल फेंक दिया. भागने की कोशिश करने लगे. मैंने वार्डन से उन्हें पकड़ने को कहा. मैंने उनसे पूछा कि मोबाइल क्यों फेंका और हॉस्टल में कहां से आया.
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