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Maoist Link Case में जी एन साईबाबा को हाई कोर्ट ने किया था बरी, सुप्रीम कोर्ट ने पलटा फैसला

G N Saibaba Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाई कोर्ट के उस फैसले पर लगा दी है जिसमें जी एन साईबाबा को बरी करने का आदेश दिया गया था.

Maoist Link Case में जी एन साईबाबा को हाई कोर्ट ने किया था बरी, सुप्रीम कोर्ट ने पलटा फैसला

जी एन साईबाबा को सुप्रीम कोर्ट से मिला झटका

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डीएनए हिंदी: माओवादियों से संबंध के आरोप में गिरफ्तार दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर जी एन साईबाबा (G N Saibaba) को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा झटका दे दिया है. एक दिन पहले ही बॉम्बे हाई कोर्ट (Bomaby High Court) ने जी एन साईबाबा और अन्य को बरी करने का आदेश जारी किया था. अब सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने हाई कोर्ट के इस फैसले को निलंबित कर दिया है. साथ ही, इस फैसले के खिलाफ दायर की गई महाराष्ट्र सरकार की अपील पर चार हफ्ते के भीतर जवाब भी मांगा है. मामले की अगली सुनवाई 8 दिसंबर को होगी.

सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को इस मामले में स्पेशल हियरिंग करते हुए बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर बेंच के फैसले पर रोक लगा दी है. हाई कोर्ट ने माओवादी लिंक के आरोपी जीएन साई बाबा और अन्य को आरोप मुक्त कर दिया था. साथ ही, इन लोगों को रिहा करने के भी आदेश दिए थे.

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शारीरिक अक्षमता की वजह से दिया था फैसला
माओवादियों से लिंक के मामले में दोषी करार दिए गए जी एन साईबाबा और अन्य को निचली अदालत ने उम्रकैद की सजा दी थी. बॉम्बे हाई कोर्ट नसजा को खारिज कर दिया था और कहा था कि साई बाबा शारीरिक अक्षमता के कारण व्हीलचेयर की मदद लेते हैं. साथ ही, यह भी कहा था कि उन्हें तत्काल रिहा किया जाए और जब तक कि बेहद ज़रूरी न हो उन्हें हिरासत में न लिया जाए.

फिलहाल, जी एन साईबाबा नागपुर जेल में बंद हैं और वह चलने-फिरने में असमर्थ हैं. बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर बेंच ने जी एन साईबाबा के साथ-साथ 5 अन्य आरोपियों को भी रिहा करने का आदेश दिया था. इसमें से एक शख्स की पहले ही मौत हो चुकी है. आपको बता दें कि जी एन साई बाबा, एक पत्रकार और जेएनयू के कुछ छात्रों को माओवादियों से संबंध रखने, देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने और UAPA के तहत दोषी करार दिया गया था.

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