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'नाजायज पत्नी, वफादार रखैल- पुरुषों के लिए ऐसे शब्द उपयोग करते हैं क्या', SC ने HC को लगाई लताड़, गुजारा भत्ता पर दिया बड़ा फैसला

सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाई कोर्ट के एक फैसले में नाजायज पत्नी और वफादार रखैल जैसे शब्दों के उपयोग को अनुचित करार दिया है. साथ ही, गुजारा भत्ता के मामले में बड़ा फैसला दिया है.

'नाजायज पत्नी, वफादार रखैल- पुरुषों के लिए ऐसे शब्द उपयोग करते हैं क्या', SC ने HC को लगाई लताड़, गुजारा भत्ता पर दिया बड़ा फैसला
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सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाई कोर्ट के एक फैसले में महिलाओं के लिए शब्दों के इस्तेमाल पर ऐतराज जताया है. हाई कोर्ट ने अपने फैसले में नाजायज पत्नी और वफादार रखैल जैसे शब्दों का उपयोग किया गया था. सुप्रीम कोर्ट ने इसे महिलाओं की गरिमा के खिलाफ बताते हुए पूछा कि क्या अदालतें पुरुषों के लिए भी इस तरह के शब्दों का उपयोग करती हैं. शीर्ष अदालत ने गुजारा भत्ता के मामले में हाई कोर्ट के फैसले को भी पलट दिया.

2004 में हाई कोर्ट की फुल बेंच ने एक अमान्य करार दी चुकी शादी से जुड़ी महिला के लिए 'नाजायज पत्नी' और 'वफादार रखैल' शब्द का इस्तेमाल किया था. हाई कोर्ट ने इस मामले में गुजारा भत्ता नहीं देने का फैसला भी दिया था. सुप्रीम कोर्ट ने इस फैसले को भी पलट दिया. शीर्ष अदालत ने अपने ऐतिहासिक फैसले में स्पष्ट किया कि अगर शादी अमान्य भी घोषित हो जाती है तो पति या पत्नी गुजारा भत्ता पाने के हकदार हैं.

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महिला की गरिमा के खिलाफ
सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाई कोर्ट की टिप्पणी की आलोचना करते हुए कहा कि अमान्य करार दी गई शादी में पत्नी को नाजायज कहना अनुचित है. ये महिला की गरिमा के खिलाफ है. दुर्भाग्य से बॉम्बे हाई कोर्ट ने ऐसी पत्नी को 'वफादार रखैल' भी बताया. लेकिन हाई कोर्ट ने अमान्य शादियों के पतियों के लिए ऐसे शब्दों का इस्तेमाल नहीं किया.

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शादी अमान्य तब भी गुजारा भत्ता के हकदार
सुप्रीम कोर्ट ने अमान्य ठहराई जा चुकीं शादियों में भी पति या पत्नी को गुजारा-भत्ता पाने का हकदार बताया है. अदालत ने अपने फैसले में कहा कि अगर शादी अमान्य है, तो भी पति या पत्नी हिंदू विवाह अधिनियम के तहत गुजारा भत्ता पाने के हकदार हैं. ये फैसला एक ऐसी याचिका पर आया है जिसमें दलील दी गई थी कि कई बार महिलाएं अपनी पहली शादी छिपाकर दूसरी शादी कर लेती हैं. अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया कि हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 24 और 25 'अमान्य शादियों' पर भी लागू होती हैं. इन धाराओं में गुजारा भत्ता और स्थायी गुजारा भत्ता देने का प्रावधान है.

 

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