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कभी खुदकुशी करने वाला था स्ट्रीट लाइट ऑपरेटर, कांग्रेस ने टिकट दिया और बन गया नगर पंचायत अध्यक्ष

UP Nikay Chunav 2023: यूपी के नगर निकाय चुनाव में एक ऐसे उम्मीदवार ने नगर पंचायत अध्यक्ष का चुनाव जीता है जो कभी स्ट्रीट लाइट ऑपरेटर का काम करता था.

कभी खुदकुशी करने वाला था स्ट्रीट लाइट ऑपरेटर, कांग्रेस ने टिकट दिया और बन गया नगर पंचायत अध्यक्ष

मुख्तार अहमद मसूदी

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डीएनए हिंदी: लोकतंत्र की खूबसूरती यही है कि इसमें हर किसी को बराबर का अधिकार होता है. इस अधिकार का जबदरस्त फायदा शाहजहांपुर के मुख्तार अहमद मसूदी को भी मिला है. कभी सड़कों पर स्ट्रीट लाइट जलाने-बुझाने का काम करने वाले मसूदी को लोकतंत्र का आशीर्वाद मिला है. उत्तर प्रदेश के नगर निकाय चुनावों में मुख्तार अहमद मसूदी नगर पंचायत के अध्यक्ष चुने गए हैं. एक वक्त ऐसा भी था जब समस्याओं से तंग आकर मसूदी खुदकुशी करने तक का मन बना चुके थे. हालांकि, वह उन समस्याओं से उबरे और अब अपना नाम रोशन कर दिया है.

गरीबी के कारण कभी फुटपाथ पर सोने वाले और पारिवारिक परिस्थितियों से हार कर कभी ट्रेन से कटकर खुदकुशी करने जा रहे मुख्तार अहमद मसूदी की कहानी मेहनत, लगन और समर्पण की एक दास्तान है. मसूदी ने शाहजहांपुर जिले की मीरान कटरा नगर पंचायत के अध्यक्ष पद पर जीत हासिल की है. मसूरी को कांग्रेस पार्टी ने चुनाव में उतारा था.

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ट्रेन से कटकर जान देने जा रहे थे मसूदी
पीलीभीत जिले के रहने वाले मुख्तार अहमद मसूदी ने बताया कि करीब 10 साल पहले उनकी पत्नी अकीला उन्हें छोड़कर अपने मायके बदायूं चली गई थी. इससे वह काफी टूट गए. उसके बाद वह यूं ही भटकते हुए मीरानपुर कटरा आ गए. यहां कोई परिचित नहीं था. यहां फुटपाथ पर कई रातें गुजारीं, जिसने जो खाने को दे दिया खा लिया. ऐसी जिंदगी से तंग आकर उन्होंने खुदकुशी करने का मन बना लिया था. मसूदी बताते हैं कि वह ट्रेन से कटकर खुदकुशी करने के लिए कटरा के पास पटरी पर लेट गए थे. ट्रेन आ रही थी और चंद कदम का ही फासला रह गया था तभी कुछ लड़कों ने उन्हें खींच कर बचा लिया और पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष शमीउश्शान खान की कोठी पर ले आए.

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उन्होंने शमीउश्शान खान को अपनी परेशानी बताई जिसके बाद उन्होंने उन्हें सहारा दिया और रहने की जगह भी. यहीं से उनकी जिंदगी में बदलाव की शुरुआत हो गई. खान ने बताया कि 2017 में वह जब दोबारा मीरानपुर कटरा नगर पंचायत के अध्यक्ष बने तब उन्होंने 2018 में मसूदी को नगर पंचायत के काम में लगा दिया. मसूदी पढ़े-लिखे नहीं थे इसलिए उन्हें स्ट्रीट लाइट खोलने और बंद करने का काम दिया गया. 

सीट आरक्षित होने पर लड़वाया चुनाव
उन्होंने कहा, 'जब 2023 में मीरानपुर कटरा सीट पिछड़े वर्ग के लिए आरक्षित हो गई तो अगड़ी जाति का होने की वजह से मेरे लिए चुनाव लड़ना मुमकिन नहीं रह गया था. इसके बाद एक दिन मसूदी ने मुझसे कहा कि अगर आप चाहें तो हमें अध्यक्ष पद का चुनाव लड़वा दें.' खान ने बताया कि उन्हें मसूदी की बात पसंद आई और उन्होंने उन्हें चुनाव में प्रत्याशी बनाने का मन बना लिया. जब नतीजे सामने आए तो मसूदी ने 742 मतों से चुनाव जीत लिया. 

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उन्होंने कहा कि मसूदी की जीत उनकी अपनी लगन और मेहनत का नतीजा है. उम्मीद है कि वह जनता की बेहतर ढंग से सेवा करेंगे क्योंकि उन्होंने गरीबी का दर्द सहन किया है इसलिए वह पूरी संवेदनशीलता से काम करेंगे. मीरानपुर कटरा नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी अवनीश गंगवार ने कहा कि यह लोकतंत्र की खूबसूरती है कि जो मसूदी कभी उनके मुलाजिम होते थे, आज वह नगर पंचायत अध्यक्ष के रूप में उनके प्रशासक हैं.

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