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तमिलनाडु के मदुरै में आवारा कुत्तों का आतंक देखा जा रहा है. यहां लोग इतने दहशत में हैं कि सड़कों पर उनका निकलना मुश्किल हो गया है. ऐसे में प्रशासन अपनी तैयारी में है.
देशभर में आवारा कुत्ते एक गंभीर समस्या बन गए हैं. तमिलनाडु के मदुरै शहर में यह आतंक ज्यादा फैल गया है. यहां करीब 14,000 से ज्यादा लोग आवारा कुत्तों का शिकार बन गए हैं. बताया जा रहा है कि ये समस्या हर दिन मदुरै शहर में बढ़ती जा रही है. कुत्तों का आतंक ऐसा फैला है कि लोगों को शहर की सड़कों पर निकलना मुश्किल हो गया है. आंकड़ों के अनुसार पिछले साल, मदुरै में आवारा कुत्तों के हमले में 14,000 लोग घायल हुए और इससे पहले 13000 लोग इसके शिकार बने थे.
हर साल बढ़ रही संख्या
साल 2022 की आधिकारिक रिपोर्ट बताता है कि आवारा कुत्तों की संख्या 53,000 बताई गई थी, लेकिन सोशल वर्कर्स का मानना है कि ये आंकड़ा सही नहीं है. संस्थाओं का मानना है कि मदुरै में आवारा कुत्तों की संख्या एक लाख के करीब हो सकती है. नगर निगम प्रशासन के अनुसार, इन घटनाओं में हर साल वृद्धि हो रही है. इस समस्या से निपटने के लिए मदुरै निगम ने दिसंब में आवारा कुत्तों की गणना कराने का निर्णय लिया था. इसके लिए एक निजी कंपनी को 5.83 लाख रुपये आवंटित करने का आदेश भी जारी किया था, लेकिन अब तक इस काम की शुरुआत नहीं हो पाई है.
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निगम करायाएगा जनगणना
आवारा कुत्तों के लिए नसबंद सर्जरी के अलावा कोई ठोस योजना लागू नहीं की गई है. कुत्तों के आतंक से निपटने के लिए मदुरै नगर निगम ने स्ट्रीट डॉग जनगणना करने की योजना बनाई है. इसके लिए 200 स्वयंसेवकों को प्रशिक्षण देने का भी निर्णय लिया है. यह सर्वेक्षण कार्य फरवरी के अंत तक पूरा किया जाएगा, और मार्च तक रिपोर्ट सौंपने का लक्ष्य रखा गया है.
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