भारत
गाजियाबाद के रिहायशी इलाके में किराये की कोठी लेकर फर्जी दूतावास खोलने वाले आरोपी का एसटीएफ ने भांडाफोड़ कर दिया. आरोपी एक बड़ा ठग है, जो खुद को दूतावास बताकर कंपनी समेत लोगों से ठगी करता था.
यूपी एसटीएफ की नोएडा यूनिट ने गाजियाबाद के कविनगर में छापेमारी कर एक ऐसे शख्स को गिरफ्तार किया है, जिसकी सच्चाई सामने आने पर हर कोई सन्न रह गया. यह व्यक्ति खुद को अलग अलग 4 देशों का दूतावास बताता था. इतना ही नहीं आलीशान कोठी के सामने डिप्लोमेटिक नंबर प्लेट लगी गाड़ियां खड़ी रखता था. उसकी कोठी से लेकर रौब को देखकर राहगीर भी दंग रहे जाते थे, लेकिन अब एसटीएफ ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसकी पोल खोलकर रख दी.
दरअसल आरोपी हर्षवर्धन जैन अपने घर से ही डिप्लोमेटिक नंबर प्लेट लगी गाड़ियों, विदेशी झंडों और फर्जी दस्तावेजों के सहारे आम नागरिकों और कंपनियों से ठगी करता था. एसटीएफ ने गुप्त सूचना पर 22 जुलाई की देर रात कविनगर स्थित केबी-35 नंबर की कोठी पर छापा मारा. यहां से पुलिस ने आरोपी ठग को गिरफ्तार करने के साथ ही उसकी कोठी के बाहर खड़ी 4 डिप्लोमेटिक नंबर प्लेट लगी लग्जरी गाड़ियां, अलग अलग देशों के झंडे और भारी मात्रा में नकदी सहित कई फर्जी दस्तावेज बरामद किये हैं.
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी हर्षवर्धन जैन गाजियाबाद के एक प्रतिष्ठित उद्योगपति परिवार से संबंध रखता है. उसने गाजियाबाद से बीबीए और लंदन से एमबीए की पढ़ाई की. इसके बाद साल 2000 में चर्चित व्यक्ति चंद्रास्वामी के संपर्क में आया. इससे उसने अपनी पहुंच कई आर्म्स डीलरों तक बनाई. इसके बाद वह इंटरनेशनल लेवल पर फर्जीवाड़े और दलाली का सिलसिला शुरू किया. यहां आरोपी ने एक आलीशान कोठी किराए पर लेकर 4 नकली देशों को फर्जी दूतावास होने का दावा किया. आरोपी ने कोठी के बाहर कई सारे झंडे और अलग अलग डिप्लोमेटिक नंबर प्लेट वाली गाड़ियां खड़ी की.
हर्षवर्धन ने लंदन, दुबई और अफ्रीकी देशों में फर्जी कंपनियां बनाईं. उसने सेबोर्गा, वेस्ट आर्कटिक और पुलबीया लोडोनिया जैसे स्वघोषित छोटे देशों से खुद को एम्बेसडर घोषित कराया और भारत में उसका इस्तेमाल कर आम लोगों व कंपनियों को ठगता रहा. गाजियाबाद स्थित अपने घर को उसने फर्जी दूतावास का रूप दे दिया था, जहां से वह अलग अलग तरह से दलाली, धोखाधड़ी और हवाला जैसे काम कर रहा था.
हर्षवर्धन ने अपने घर में कई ऐसी तस्वीरें लगाई थीं, जिनमें कई बड़े राजनेताओं के साथ उसका फोटो दिखाई दे रहा था. पुलिस के अनुसार, आरोपी के घर से बड़े नेताओं और अधिकारियों संग मिले फोटो फर्जी हैं. उसने इन्हें गलत तरीके से बनाया थाी. हर्षवर्धन पर थाना कविनगर, गाजियाबाद में वर्ष 2012 में टेलीग्राफ एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था और अब एक बार फिर थाना कविनगर, गाजियाबाद में बीएनएस की कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है.
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