भारत
Sonam Wangchuk Protest Update: देश की शिक्षा व्यवस्था में सुधार और नीट (NEET) पेपर लीक की जवाबदेही तय करने की मांग को लेकर सोनम वांगचुक पिछले 23 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे हैं.
पर्यावरण कार्यकर्ता और सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने आखिरकार अपना अनशन खत्म करने का संकेत दिया है. लेकिन उन्होंने साफ किया है कि वह इसे बिना किसी शर्त के नहीं छोड़ेंगे. वांगचुक ने सरकार के सामने तीन बड़ी शर्तें रखी हैं और कहा है कि अगर इनमें से कोई एक मांग भी मान ली जाती है, तो वह अपना 23 दिनों से चला आ रहा अनशन तोड़ देंगे.
अपनी सेहत और मौजूदा हालात को देखते हुए सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि वह 20 जुलाई को अपना यह अनशन खत्म करने के लिए तैयार हैं, बशर्ते उनकी शर्तों पर ध्यान दिया जाए.
इस बीच सफदरजंग अस्पताल में भर्ती सोनम वांगचुक ने वहां के प्रशासन और स्थानीय पुलिस पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि अस्पताल में इलाज के नाम पर उन्हें एक तरह से 'अवैध हिरासत' में रखा गया है. वांगचुक के मुताबिक, अस्पताल परिसर के अंदर उनकी आजादी को पूरी तरह से छीन लिया गया है.
Activist Sonam Wangchuk tweets, "... I will end my fast on 20th July if:
a. If the govt takes accountability of the recent failures in Education system, Paper leaks etc or
b. If I and the leadership of CJP reach the doorsteps of Parliament where MPs and leaders of various… pic.twitter.com/XBAgvbkvkw— ANI (@ANI) July 20, 2026
उन्होंने लिखा कि न तो उन्हें कहीं आने-जाने दिया जा रहा है, न ही अपनी बात खुलकर रखने की आजादी मिल रही है. यहां तक कि बाहरी लोगों या मीडिया से बातचीत करने और संचार करने के उनके मौलिक अधिकारों पर भी प्रशासन ने पूरी तरह पाबंदी लगा रखी है.
दूसरी तरफ डॉक्टरों की टीम का कहना है कि 23 दिनों से भूखे रहने के कारण वांगचुक का शरीर बेहद कमजोर हो चुका है, इसलिए इन्फेक्शन से बचाने और उनके स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए कुछ पाबंदियां लगाना जरूरी हो जाता है.
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