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सिक्किम सुरंग हादसा: हर गुजरती मिनट के साथ टूट रही उम्मीद, अभी भी फंसे हैं 20 मजदूर, अंदर मीथेन गैस घोंट रही दम

सोमवार दोपहर अचानक हुए भूस्खलन और सुरंग के भीतर खतरनाक मीथेन गैस के रिसाव के कारण अब तक 8 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 20 से अधिक मजदूरों के अंदर फंसे होने की आशंका है.

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सिक्किम सुरंग हादसा: हर गुजरती मिनट के साथ टूट रही उम्मीद, अभी भी फंसे हैं 20 मजदूर, अंदर मीथेन गैस घोंट रही दम

सिक्किम में सुरंग हादसा (Image Source- ANI)

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  • सिक्किम के समरडूंग में निर्माणाधीन टनल में भूस्खलन के बाद 8 लोगों के शव बरामद हुए
  •  20 से अधिक मजदूर फंसे हुए हैं, राहत व बचाव कार्य जारी है
  • सुरंग के अंदर मीथेन गैस और धुएं के रिसाव के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में हो रही परेशानी
  • हादसा लैंडस्लाइड से हुआ या किसी आंतरिक विस्फोट से, इसकी जांच जारी है

Sikkim Tunnel Landslide: सिक्किम के समरडूंग इलाके में बन रही एक टनल में सोमवार (20 जुलाई 2026) को अचानक हुए भूस्खलन और उसके बाद जहरीली गैस के रिसाव की वजह से बड़ा हादसा हो गया. इस हादसे में अब तक 8 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 20 से ज्यादा मजदूरों के सुरंग के अंदर फंसे होने की आशंका जताई जा रही है. मौके पर एनडीआरएफ और राहत-बचाव दल की कई टीमें रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हुई हैं.

कैसे हुआ हादसा?

यह दर्दनाक घटना सोमवार दोपहर करीब 3 बजे की है. तीस्ता स्टेज-6 जलविद्युत परियोजना के तहत पटेल इंजीनियरिंग कंपनी यहां सुरंग का निर्माण कार्य करा रही थी. सुरंग के भीतर अचानक पहाड़ का एक हिस्सा दरक गया, जिससे निकलने का रास्ता पूरी तरह बंद हो गया और अंदर काम कर रहे मजदूर फंस गए. मामला तब और गंभीर हो गया जब सुरंग के भीतर खतरनाक मीथेन गैस का रिसाव शुरू हो गया. जहरीली गैस के फैलने की वजह से बचाव दल को अंदर जाने में खासी मशक्कत करनी पड़ रही है.

मीथेन गैस बनी राहत कार्य में सबसे बड़ी रुकावट

हादसे के तुरंत बाद नामची की जिला कलेक्टर अनुपा तामलिंग ने एसडीआरएफ, पुलिस और अग्निशमन दल को मौके पर भेजा. शुरुआत में दमकल और पुलिस के जवानों ने बिना सुरक्षा उपकरणों के दो बार सुरंग के अंदर दाखिल होने की कोशिश की, लेकिन अंदर जहरीली गैस और धुएं के कारण उनका दम घुटने लगा और उन्हें चक्कर आने लगे. इसके बाद उन्हें तुरंत बाहर निकालकर पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया.

बाद में जब एनडीआरएफ की टीम पहुंची, तो उन्होंने सबसे पहले उन शुरुआती बचावकर्मियों को सुरक्षित बाहर निकाला. अधिकारियों का कहना है कि सुरंग के अंदर मीथेन गैस का स्तर इतना ज्यादा खतरनाक है कि ऑक्सीजन मास्क के बिना अंदर जाना मुमकिन नहीं है. इसी वजह से उस जगह तक पहुंचने में समय लग रहा है जहां मजदूर फंसे हुए हैं.

कितने लोग अंदर फंसे हैं?

सुरंग से जान बचाकर बाहर निकले मजदूरों ने बताया कि अंदर एक बहुत तेज धमाके जैसी आवाज हुई थी, जिसके तुरंत बाद भागदौड़ मच गई. जिला प्रशासन के मुताबिक, शुरुआत में करीब 19 मजदूरों के अंदर फंसे होने की बात सामने आई थी. इसके बाद कंपनी के 3 कर्मचारी उन्हें बचाने अंदर गए, लेकिन उनमें से 2 खुद वहीं फंस गए. एनएचपीसी के भी कुछ कर्मचारियों को मिलाकर करीब 20 से 27 लोगों के फंसे होने का अंदेशा है.

प्रशासन की पहली प्राथमिकता किसी भी तरह सुरंग के अंदर फंसे लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकालने की है. हादसे की असल वजह लैंडस्लाइड थी या कोई आंतरिक विस्फोट, इसका पता जांच के बाद ही चल पाएगा. फिलहाल एनडीआरएफ की टीमें रेस्क्यू में जुटी हैं.

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