भारत
Shubhanshu Shukla Axiom-4 Mission: ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला का स्पेसएक्स ड्रैगन कैप्सूल भारतीय समय अनुसार शाम करीब 4:05 बजे स्पेस स्टेशन से जुड़ गया है.
भारत के अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला (Shubhanshu Shukla) इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) पहुंच गए हैं. उनका स्पेसएक्स ड्रैगन यान आईएसएस से जुड़ गया है. खास बात यह है कि उनके ड्रैगन यान ने तय समय से 20 मिनट पहले डॉकिंग की. शुभांशु की इस अंतरिक्ष यात्रा पर सभी भारतीयों की नजर है. यह मानव अंतरिक्ष कार्यक्रम की दिशा में बहुत बड़ा कदम है. उनकी डॉकिंग का लाइव प्रसारण देखकर उनकी मां भी भावुक हो गईं. शुभांशु अब 14 दिन अंतरिक्ष में गुजारेंगे.
ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला का स्पेसएक्स ड्रैगन कैप्सूल भारतीय समय अनुसार शाम करीब 4:05 बजे स्पेस स्टेशन से जुड़ गया. इस यात्रा में उन्हें करीब 28.5 घंटे का समय लगा. उनका यान 28,000 किमी/घंटा की रफ्तार से 418 किमी ऊंचाई पर पृथ्वी की परिक्रमा कर रहा है. ड्रैगन यान ने कई कक्षीय मैन्यूवर्स किए हैं, ताकि इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन के साथ जुड़ सके.
आईएसएस में Axiom-4 Mission पर केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंर का बयान आया है. उन्होंने कहा कि डॉकिंग हो गई है. सारी प्रक्रिया बहुत सक्षम है. हमारे अंतरिक्ष यात्री इस मिशन को इतने आत्मविश्वास के साथ कर रहे हैं कि तय समय से 30-40 मिनट पहले ही डॉकिंग की प्रक्रिया हो गई. इसके लिए उनको बार-बार रिहर्सल कराया गया. वहां जितने भी प्रयोग होने वाले हैं,उन सबकी सामग्री भारत में विकसित की गई है. आत्मनिर्भर भारत पहल का नतीजा है.
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जिस प्रकार भारत अंतरिक्ष में होने वाली प्रक्रियाओं की अगुवाई कर रहा है, इससे दुनिया को एक बहुत बड़ा संकेत है. इससे दुनिया के आगे भारत की छवि बदली है.
शुभांशु शुक्ला ने भेजा 'नमस्कार'
अंतरिक्ष सफर पर निकले भारतीय एस्ट्रोनॉट शुभांशु शुक्ला ने स्पेसक्राफ्ट से भावुक संदेश भेजा. उन्होंने "नमस्कार" के साथ अपनी बात की शुरुआत की. इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) पर डॉकिंग से कुछ घंटे पहले उन्होंने कहा कि मैं अपने साथी अंतरिक्ष यात्रियों के साथ यहां आकर रोमांचित हूं. शुक्ला ने बुधवार को फ्लोरिडा से एक्सिओम-4 मिशन के तहत 3 अन्य अंतरिक्ष यात्रियों के साथ इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन के लिए अपना सफर शुरू किया था.
शुभांशु शुक्ला ने कहा, 'अंतरिक्ष से नमस्कार! मैं अपने साथी अंतरिक्ष यात्रियों के साथ यहां आकर रोमांचित हूं. ये कितना शानदार सफर था? मैं इस अवसर पर उन सभी को धन्यवाद देना चाहता हूं जो इसका हिस्सा रहे हैं. मैं समझता हूं कि ये कोई व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, ये आप में से हर एक की सामूहिक उपलब्धि है जो इस यात्रा का हिस्सा रहे हैं और इसे संभव बना पाए हैं. साथ ही परिवार और दोस्तों के लिए आपका समर्थन बहुत मायने रखता है.'
अपनी राय और अपने इलाके की खबर देने के लिए हमारे गूगल, फेसबुक, x, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और वॉट्सऐप कम्युनिटी से जुड़ें.