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सीजेपी ने 20 जून से NEET-UG 2026 परीक्षा के पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन शुरू किया, जिसमें सरकार से जवाबदेही और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की गई. जेन-Z के इस प्रोटेस्ट ने तब जोर पकड़ा, जब सोनम वांगचुक भूख हड़ताल पर चले गए.
शशि थरूर ने एक बार फिर ये कहकर कांग्रेस को कटघरे में खड़ा कर दिया है कि राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम को कॉकरोच जनता पार्टी के विरोध-प्रदर्शन की तरह समर्थन नहीं मिला. उन्होंने कहा कि हमें आत्ममंथन करना होगा कि ऐसा करने में सफल क्यों नहीं हुए? क्या हम जेनरेशन Z की नब्ज़ को समझने में नाकाम रहे?
मुंबई में IIMUN की 15वीं सालगिरह पर बातचीत के दौरान शशि थरूर ने कहा, 'जिस पेपर लीक के मुद्दे को कॉकरोच जनता पार्टी ने जंतर-मंतर पर उठाया, उसे हमने पहले ही उठा लिया था. छात्रों की गूंज का कार्यक्रम भी हमने ही किया था, जिसमें राहुल गांधी ने पेपर लीक के मुद्दे पर छात्रों को संबोधित किया था.'
कांग्रेस का प्रदर्शन CJP जैसा नहीं हुआ, थरूर ने कबूला
थरूर इस बात से सहमत हुए कि कांग्रेस का छात्र संपर्क कार्यक्रम उतना प्रभावी नहीं रहा जितना कि सीजेपी का विरोध प्रदर्शन को समर्थन मिला. कांग्रेस सांसद ने कहा, 'हमें खुद से पूछना होगा कि हम क्या करने में असफल रहे? क्या हम सुनने में असफल रहे? क्या हम जेनरेशन Z की नब्ज़ को समझने में नाकाम रहे?'
सीजेपी ने 20 जून से NEET-UG 2026 परीक्षा के पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन शुरू किया, जिसमें सरकार से जवाबदेही और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की गई. जेन-Z के इस प्रोटेस्ट ने तब जोर पकड़ा, जब सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भूख हड़ताल पर चले गए. बाद में उनके साथ AISA के अन्य छात्र भी जुड़ गए.
सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस ने धरना स्थल से हटाया
कॉकरोच जनता पार्टी ने 20 जुलाई को संसद मार्च का आह्वान किया, लेकिन मार्च से कुछ दिन पहले ही वांगचुक को जंतर मंतर विरोध स्थल से हटा दिया गया और सफदरजंग अस्पताल में भर्ती करा दिया गया. 20 जुलाई को, प्रदर्शनकारी छात्रों को पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़ा, जो बाद में एक राजनीतिक विवाद का केंद्र बन गया क्योंकि विपक्ष ने आरोप लगाया कि वहां पेलेट गन और एके-47 का इस्तेमाल किया गया था.
कांग्रेस ने पेपर लीक के खिलाफ कैसे विरोध प्रदर्शन किया?
पेपर लीक के आरोपों के खिलाफ आवाज उठाने वालों में सबसे पहले कांग्रेस के छात्र संगठन NSUI ने आवाज उठाई. सबसे पहले NSUI ने 12 मई को दिल्ली में एक बड़ा विरोध प्रदर्शन किया. यह प्रोटेस्ट NTA द्वारा पेपर लीक के आरोपों के बाद नीट परीक्षा को रद्द करने के कुछ दिनों बाद हुई.
17 जून से राहुल गांधी ने शुरू किया 'छात्रों की गूंज'
लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने 17 जून को राजस्थान के कोटा से 'छात्रों की गूंज' अभियान की शुरुआत की. बाद में राहुल गांधी ने देहरादून पहुंचकर प्रभावित छात्रों और परिवारों से बातचीत की. राहुल गांधी ने पहले कहा था, 'कोटा में हमने छात्रों के सपनों को चूर-चूर करने वाली जबरन वसूली की मशीन का पर्दाफाश किया. देहरादून में हमने उन शोधपत्रों के पीछे छिपी धांधली वाली व्यवस्था का पर्दाफाश किया, जो अनगिनत जिंदगियों को तबाह कर देते हैं. प्रयागराज में हम रोजगार संकट की वास्तविकता को उजागर करेंगे.'
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