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'बिहार के लोगों में सिविक सेंस नहीं...' विवादित बयान पर LJP सांसद शांभवी चौधरी ने टीचर को लिया आड़े हाथ, जानें पूरा मामला

Shambhavi Choudhary: बिहार के जहानाबाद में केंद्रीय विद्यालय की टीचर की विवादित टिप्पणी सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला तूल पकड़ लिया है. लोजपा सांसद शांभवी चौधरी ने इस पूरे मामले पर कड़ी आपत्ति जताई है.उन्होंने एक पोस्ट के जरिए केन्द्रीय विद्यालय को पत्र भी लिखा.

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'बिहार के लोगों में सिविक सेंस नहीं...' विवादित बयान पर LJP सांसद शांभवी चौधरी ने टीचर को लिया आड़े हाथ, जानें पूरा मामला

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Shambhavi Choudhary: बिहार (Bihar) के जहानाबाद स्थित केंद्रीय विद्यालय में कार्यरत शिक्षिका दीपाली साह के विवादित बयान पर हंगामा मच गया है. दीपाली साह ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर बिहार और यहां के लोगों के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी. उनके इस बयान से लोगों में गुस्सा भर गया. जिसके बाद उन्हें भारी विरोध का सामना करना पड़ा. 'हालांकि' अब दीपाली ने इस पूरे मामले पर सफाई दी है. समस्तीपुर से LJP सांसद शांभवी चौधरी ने भी उन पर तीखा हमला किया है. 

सांसद शांभवी चौधरी ने उठाया मुद्दा
लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) की सांसद शांभवी चौधरी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए केंद्रीय विद्यालय संगठन (KVS) को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की. उन्होंने कहा कि इस तरह के बयान न केवल बिहार की छवि को खराब करते हैं, बल्कि शिक्षकों के सम्मान को भी ठेस पहुंचाते हैं.

क्या कहा था शिक्षिका ने?
दीपाली साह, पश्चिम बंगाल की रहने वाली हैं. हाल ही में जहानाबाद के केंद्रीय विद्यालय में तैनात हुई थीं. उन्होंने अपने इंस्टाग्राम वीडियो में बिहार को 'गंदा राज्य' और यहां के लोगों को 'सिविक सेंस से रहित' कहा था. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अगर भारत से बिहार को हटा दिया जाए तो देश एक 'विकसित देश' बन जाएगा.


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KVS की कार्रवाई

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होते ही #RemoveDipaliFromKVS हैशटैग ट्रेंड करने लगा. लोगों की नाराजगी के बाद KVS ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दीपाली साह को निलंबित कर दिया. सांसद शांभवी चौधरी ने KVS के फैसले का स्वागत किया और कहा कि शिक्षकों को समाज के लिए आदर्श बनना चाहिए, न कि किसी समुदाय या राज्य को नीचा दिखाने वाला बयान देना चाहिए.

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