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भारत की बेटी शहजादी खान को UAE में दे दी गई फांसी, एक दिन पहले पिता से फोन पर हुई थी बात

Shahzadi Khan Hanged: शहजादी खान ने आखिरी बार 14 फरवरी को अपने माता-पिता से फोन पर बात की थी. हालांकि, उस दौरान यह नहीं बताया था कि उन्हें अगले दिन फांसी दी जाएगी.

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भारत की बेटी शहजादी खान को UAE में दे दी गई फांसी, एक दिन पहले पिता से फोन पर हुई थी बात

UP woman Shahzadi Khan hanged

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संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में भारत की बेटी शहजादी खान (Shahzadi Khan) को 15 फरवरी 2025 को फांसी दे दी गई. भारतीय विदेश मंत्रालय ने सोमवार को दिल्ली हाईकोर्ट में इसकी जानकारी दी है. बेबस माता-पिता ने अपनी बेटी को बचाने के लिए केंद्र सरकार से मदद की काफी गुहार लगाई थी. लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद वह अपनी बेटी शहजादी को बचा नहीं सके.

पिता ने बेटी का हालचाल जानने के लिए बीते शनिवार को दिल्ली हाईकोर्ट याचिका दायर की थी. कोर्ट ने नोटिस जारी करते हुए केंद्र सरकार से इस पर जवाब मांगा था. विदेश मंत्रालय ने हाईकोर्ट को बताया कि शहजादी खान को 15 फरवरी को फांसी दे दी गई थी. एएसजी चेतन शर्मा ने कोर्ट को बताया कि अधिकारी हर संभव कोशिश कर रहे हैं. उनका अंतिम संस्कार 5 मार्च को होना है.

14 फरवरी को आया था आखिरी कॉल
33 साल की शहजादी  का 14 फरवरी को पिता के पास आखिरी कॉल आया था. पिता का कहना है कि बेटी को भी नहीं पता था कि उसे 15 फरवरी 2025 को फांसी दी जाएगी. शहजादी अबू धाबी की अल वथबा जेल (UAE) की जेल में बंद थीं. शहजादी को 10 फरवरी, 2023 को फांसी की सजा सुनाई गई थी. भारत की इस बेटी को एक बच्चे की हत्या के लिए दोषी ठहराया गया था.

क्या था पूरा मामला?
आपको बता दें कि दिसंबर, 2021 को शहजादी खान वीजा पर अबू धाबी गई थीं. अगस्त 2022 में उन्हें बच्चे की देखरेख के लिए नैनी की नौकरी मिली. 7 दिसंबर 2022 को बच्चे को एक टीका लगाया गया था, लेकिन उसी दिन बच्चे की मौत हो गई. माता पिता ने इसके लिए शहजादी को जिम्मेदारी माना. उन्हें पुलिस को सूचना दी. पुलिस ने बच्चे की पोस्टमार्टम कराना चाहा लेकिन परिवार ने मना कर दिया.

 पुलिस ने शहजादी खान को गिरफ्तार कर लिया. उसपर केस चलाया गया. फरवरी, 2023 को शहजादी खान का एक वीडियो रिकॉर्डिंग सामने आया. जिसमें वह बच्चे की मौत के लिए खुद को जिम्मेदारी मान रही थी. हालांकि, शहजादी के माता-पिता का कहना था कि यह कबूलनामा पुलिस की यातना और दवाब की वजह से किया गया है. 31 जुलाई,2023 को कोर्ट ने शहजादी को मौत की सजा सुनाई. सितंबर 2023 में ऊपरी अदालत में सजा के खिलाफ अपील की गई, लेकिन वहां भी सजा को बरकरार रखा गया.

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