Advertisement

'केजरीवाल को नहीं दिल्ली के क्राइम को रोको शाह जी', Delhi Assembly में बिगड़ती कानून व्यवस्था पर गरजे पूर्व मुख्यमंत्री

दिल्ली विधानसभा में शुक्रवार को आम आदमी पार्टी के संजोयक अरविंद केजरीवाल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि दिल्ली में केंद्र को एक ही जिम्मेदारी दी गई और वो भी पूरी तरह से नहीं निभाई जा रही है.

Latest News
'केजरीवाल को नहीं दिल्ली के क्राइम को रोको शाह जी', Delhi Assembly में बिगड़ती कानून व्यवस्था पर गरजे पूर्व मुख्यमंत्री
Add DNA as a Preferred Source

आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली विधानसभा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर दिल्ली की कानून व्यवस्था को लेकर निशाना साधा है. अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को कहा कि दिल्ली में 11 सक्रिय गैंग हैं. यहां 24 घंटे में 3 जगह पर गोलीबारी हुई है. दिल्ली में गैंगस्टर का राज है. अब अपराधी इतने बेखौफ क्यों हो गए हैं. केजरीवाल ने लॉरेंस बिश्नोई को लेकर भी केंद्र से पूछा कि क्या लॉरेंस बिश्नोई को सरकार का संरक्षण है?  साबरमती जेल से लॉरेंस गैंग कैसे चल रहा है? गृह मंत्री अमित शाह जवाब दें. गृह मंत्री अमित शाह मूकदर्शक बने हुए हैं.  

'लॉरेंस बिश्नोई गैंग को बीजेपी का समर्थक'
पूर्व मु्ख्यमंत्री ने दिल्ली विधानसभा में दिल्ली में हाल के दिनों में हुईं आपराधिक घटनाओं की जिक्र किया और कहा कि आजकल अखबार में ज्यादातर खबरें लॉरेंस बिश्नोई से जुड़ी आती हैं. केजरीवाल ने कहा कि लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने हंगामा मचा रखा है. यह लॉरेंस बिश्नोई साबरमती जेल में बंद है, जो गुजरात के अंदर है जो कि बीजेपी के अंदर आता है. समझ नहीं आ रहा कि यह लॉरेंस बिश्नोई वहां से दिल्ली के अंदर कैसे वसूली रैकेट चला रहा है.' पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि लॉरेंस बिश्नोई गैंग को बीजेपी का साथ है. 

 

बीजेपी ने किया बहिष्कार
नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि सरकार पिछले एक साल से सदन में प्रश्नकाल नहीं कर रही है. इस वजह से विधायक अपने एरिया की आवाज नहीं उठा पा रहे हैं. दूसरी ओर सदन में नियम 280 के तहत विधायकों की ओर से उठाए जाने वाले मुद्दे को लेकर भाजपा ने कड़ा विरोध किया. दरअसल विधानसभा अध्यक्ष ने विधायकों को मुद्दो पढ़ने का अवसर दिए बिना उन्हें पढ़ा हुआ माने जाने के निर्देश दिए, भाजपा विधायकों ने उनके इस कदम का बड़ा विरोध करते हुए सदन का बहिष्कार किया.  बता दें शुक्रवार को दिल्ली सरकार के गठन का यह अंतिम विधानसभा सत्र है क्योंकि फरवरी में चुनाव होना है.

 

ख़बर की और जानकारी के लिए डाउनलोड करें DNA App, अपनी राय और अपने इलाके की खबर देने के लिए जुड़ें हमारे गूगलफेसबुकxइंस्टाग्रामयूट्यूब और वॉट्सऐप कम्युनिटी से.  

Read More
Advertisement
Advertisement
Advertisement