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Mukesh Ambani और उनके परिवार को मिलती रहेगी सुरक्षा, सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को दी अनुमति

Ambani Family Security: मुकेश अंबानी और उनके परिवार को सुरक्षा दिए जाने के मामले पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को अनुमति दे दी है कि अंबानी परिवार को दी जाने वाली सुरक्षा जारी रखी जाए.

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Mukesh Ambani और उनके परिवार को मिलती रहेगी सुरक्षा, सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को दी अनुमति

अंबानी परिवार को सरकार की ओर से दी गई है सुरक्षा

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डीएनए हिंदी: सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने केंद्र सरकार को अनुमति दे दी है कि वह मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) और उनके परिवार को दी जाने वाली सुरक्षा को जारी रखे. आपको बता दें कि मुकेश अंबानी देश के मशहूर उद्योगपति और रिलायंस इंडस्ट्रीज़ (Reliance Industries) के चेयरमैन हैं. ऐसे में उन्हें केंद्र सरकार के खर्च पर जेड कैटगरी की सुरक्षा दी गई है. इस मामले पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस एन वी रमन्ना, जस्टिस कृष्ण मुरारी और जस्टिस हिमा कोहली ने इस मामले में सुनवाई की और केंद्र सरकार को अनुमति दे दी कि अंबानी परिवार की सुरक्षा जारी रहे.

मुकेश अंबानी और उनके परिवार को सुरक्षा दिए जाने के मामले पर त्रिपुरा हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई थी और इसे चुनौती दी गई थी. सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने इस मामले पर सुनवाई करते हुए इस याचिका को खारिज कर दिया. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस बात की कोई वजह नहीं है कि त्रिपुरा हाई कोर्ट इस मामले पर सुनवाई करे.

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सुरक्षा का खर्च खुद उठाता है अंबानी परिवार
आपको बता दें कि सरकार की ओर से अंबानी परिवार को दी जाने वाली सुरक्षा का खर्च खुद अंबानी ही उठाते हैं. इससे पहले हाई कोर्ट ने एक आदेश जारी करके केंद्र सरकार से जानकारी मांगी थी कि किस खतरे की वजह से अंबानी परिवार को सुरक्षा दी गई है. सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने हाई कोर्ट के इस आदेश पर भी स्टे लगा दिया है. केंद्र सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए सोलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि इस मामले में त्रिपुरा सरकार और त्रिपुरा हाई कोर्ट का कोई लेना-देना नहीं है.

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केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि यह जनहित याचिका पूरी तरह से गलत, ओछी और अन्यथा मकसद से जारी की गई है. इस मामले में किसी भी तरह से किसी मूल अधिकार का उल्लंघन नहीं होता है. केंद्र सरकार ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि त्रिपुरा हाई कोर्ट ने इस बात का भी ध्यान नहीं दिया कि अंबानी परिवार त्रिपुरा का निवासी भी नहीं है. ऐसे में इस मामले में जानकारी मांगने का अधिकार हाई कोर्ट को नहीं है.

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