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Savarkar Row: किसानों के सत्याग्रह के आगे झुके माफीवीर, राहुल गांधी के इस बयान का क्या है मतलब?

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा है कि माफीवीर को किसानों के सत्याग्रह के आगे झुकना पड़ा, लेकिन नीयत नहीं बदली.

Savarkar Row: किसानों के सत्याग्रह के आगे झुके माफीवीर, राहुल गांधी के इस बयान का क्या है मतलब?

भारत जोड़ो यात्रा पर राहुल गांधी. (तस्वीर- Twitter/INC)

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डीएनए हिंदी: कांग्रेस (Congress) के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने विवादों से घिरे रहे तीनों कृषि कानूनों (Farm Laws) को वापस लिए जाने की घोषणा के एक साल पूरा होने के मौके पर शनिवार को आरोप लगाया कि माफीवीर (Mafiveer) को सत्याग्रह (Satyagrah) की ताकत के आगे झुकना पड़ा, लेकिन नीयत नहीं बदली. 

राहुल गांधी ने ट्वीट किया, '733 किसान शहीद हुए थे. माफीवीर को सत्याग्रह की ताक़त के सामने झुकना पड़ा. मगर, नीयत नहीं बदली!'

राहुल गांधी ने आरोप लगाया, 'काले क़ानून वापस लिए एक साल हो गया, मगर न किसी शहीद के परिवार को मुआवज़ा मिला और न किसानों की मदद के लिए कोई कदम उठाया. क्योंकि, प्रधानमंत्री की श्रद्धा सिर्फ़ अपने 2-3 मित्रों के लिए है.'

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क्या है राहुल गांधी के बयान का मतलब?

राहुल गांधी एक बार फिर सावरकर के बहाने बीजेपी पर निशाना साध रहे हैं. अंग्रेजों के कथित माफी वाली चिट्ठी को लेकर क्रांतिकारी विनायक दामोदर सावरकर हमेशा से कांग्रेस के निशाने पर रहे हैं. भारतीय जनता पार्टी, सावरकर को आदर्श क्रांतिकारी मानते रहे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी किसानों से माफी मांगकर कृषि कानूनों की वापसी का ऐलान किया था. अब वह पीएम मोदी को भी माफीवीर बता रहे हैं.

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गुरु नानक जयंती पर पीएम मोदी ने किया था कानून वापसी का ऐलान

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले साल गुरु नानक जयंती के अवसर पर राष्ट्र के नाम संबोधन में तीन कृषि कानूनों को वापस लिए जाने की घोषणा की थी. इसके बाद संसद में विधेयक लाकर इन कानूनों को निरस्त किया गया था.सैकड़ों किसान दिल्ली की अलग-अलग सीमाओं पर इन तीनों कृषि कानूनों को निरस्त करवाने की मांग को लेकर नंवबर 2020 से आंदोलन कर रहे थे. (इनपुट: भाषा)

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