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Uttar Pradesh News: कुछ महीने पहले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संभल में हुई हिंसा की जांच के लिए एक समिति गठित की थी.
CM Yogi Adityanath: कुछ महीने पहले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संभल में हुई हिंसा के मामले में एक समिति गठित की थी. इस समिति ने योगी आदित्यनाथ को 450 पन्नों की एक रिपोर्ट सौंपी है, जिसमें बताया गया है कि संभल की जनसांख्यिकी बदल गई है. इस रिपोर्ट में कहा गया है कि संभल में अब केवल 15 प्रतिशत हिंदू बचे हैं. भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने सोशल मीडिया पर इस बारे में एक पोस्ट लिखा है.
संभल में घटी हिंदुओं की आबादी
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा, "संभल नगर निगम क्षेत्र में हिंदुओं की आबादी 45 प्रतिशत से घटकर 15 प्रतिशत रह गई है. संभल में 1947 में 45 प्रतिशत हिंदू थे, अब केवल 15 प्रतिशत ही बचे हैं." उत्तर प्रदेश के संभल शहर स्थित जामा मस्जिद का एक अदालती आदेश के बाद सर्वेक्षण कराया गया. इस सर्वेक्षण के कारण संभल में हिंसा भड़क उठी, जिसमें पांच लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए. इसके बाद, उत्तर प्रदेश सरकार ने हिंसा की न्यायिक जांच के आदेश दिए.
आजादी के बाद बदले आंकड़े
एएनआई के अनुसार, 1947 में जब देश आज़ाद हुआ था, तब संभल में 55 प्रतिशत मुसलमान और 45 प्रतिशत हिंदू थे, लेकिन अब हिंदू आबादी 15 प्रतिशत और मुस्लिम आबादी 85 प्रतिशत हो गई है. आज़ादी के बाद संभल में कुल 15 दंगे हुए. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि हिंसा स्थलों और अन्य जगहों से ज़ब्त किए गए हथियार यूनाइटेड किंगडम, अमेरिका और जर्मनी में बने थे. उत्तर प्रदेश पुलिस की विशेष जाँच टीम (एसआईटी) ने 12 में से छह मामलों में चार हज़ार से ज़्यादा पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी.
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हिंसा के बाद न्यायिक जांच आयोग का गठन
हिंसा के बाद, उत्तर प्रदेश सरकार ने संभल हिंसा की जांच के लिए एक न्यायिक जांच आयोग का गठन किया. इस आयोग के अध्यक्ष सेवानिवृत्त न्यायाधीश देवेंद्र अरोड़ा, पूर्व डीजीपी एके जैन और पूर्व आईएएस अमित मोहन प्रसाद हैं. संभल स्थित इस स्थल पर कभी भगवान कल्कि को समर्पित श्री हरिहर मंदिर हुआ करता था, लेकिन अदालत में यह तर्क दिया गया कि मुगल बादशाह बाबर ने 1529 में इस मंदिर को तोड़कर वहां एक मस्जिद बनवाई थी. विवाद तब शुरू हुआ जब वकील विष्णु शंकर जैन समेत आठ याचिकाकर्ताओं ने इस संबंध में संभल की अदालत में मुकदमा दायर किया. दीवानी अदालत ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) को मस्जिद का सर्वेक्षण करने का आदेश दिया, जिसमें आरोप लगाया गया कि वर्तमान मस्जिद एक ऐतिहासिक मंदिर के स्थान पर खड़ी है. इसके बाद संभल में हिंसा भड़क उठी.
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