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UP Politics: सुभासपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर और डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के दावों के बाद यह कयास लगाए जा रहे हैं कि क्या अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी के कई सांसद बगावत के मूड में हैं?
उत्तर प्रदेश के सियासी गलियारों में इन दिनों हलचल काफी तेज है. पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस और महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) के भीतर मचे घमासान के बाद, अब उत्तर प्रदेश की समाजवादी पार्टी (सपा) को लेकर भी कयासों का बाजार गर्म हो गया है. राजनीतिक हलकों में इस बात की जोरों से चर्चा है कि क्या समाजवादी पार्टी के अंदर कोई बड़ी बगावत होने वाली है.
यह पूरी बहस तब और गरमा गई जब यूपी सरकार के कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने एक के बाद एक तीखे बयान दिए. राजभर ने खुले तौर पर दावा किया कि समाजवादी पार्टी में बहुत जल्द एक बड़ा बिखराव देखने को मिल सकता है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट लिखकर इस बात को हवा दी कि सपा के असंतुष्ट सांसदों का एक गुट अलग होने की तैयारी में है.
राजभर ने इशारा किया कि इस बागी गुट की कमान उत्तर प्रदेश के 'बागी बलिया' क्षेत्र से ताल्लुक रखने वाले किसी बड़े नेता के हाथों में होगी. उनके मुताबिक, पार्टी के अंदर अंदरूनी कलह और बगावत की खिचड़ी काफी समय से पक रही थी, लेकिन हाल ही में सपा दफ्तर में हुए एक घटनाक्रम ने इसमें घी का काम किया है. राजभर का आरोप है कि सपा कार्यालय में आयोजित एक सम्मेलन के दौरान ब्राह्मण समाज के लोगों का कथित तौर पर अपमान किया गया, जिससे पार्टी के कई नेता बेहद आहत हैं और यही वजह इस संभावित टूट की मुख्य वजह बन रही है.
राजभर ने गुरुवार (18 जून 2026) को एक्स पर लिखा, "कल से सब पूछ रहे हो कि सपा में क्या टूट होने वाली है? तो सुनो, सपा के बागी सांसदों के गुट का नेतृत्व उत्तर प्रदेश की 'बागी भूमि' का एक लाल करेगा. और करे भी क्यों न? कल जिस तरह से सपा कार्यालय में सम्मेलन के नाम पर ब्राह्मणों को तिरस्कृत किया गया, उससे 'बागी बलिया' का लाल बहुत आहत है. योजना पहले से थी लेकिन कल कि घटना ने आग में घी डालने का काम कर दिया है, टूट होकर रहेगी."
उन्होंने आगे लिखा, "मेरी एक प्रतिक्रिया पर जिस तरह से पूरा सैफई खानदान मुझे गाली देने और सफाई देने में जुट गया, उससे ज्यादा बेहतर है कि अखिलेश बाबू ट्विटर, ऐसी और पीसी वाली नेतागिरी छोड़कर अब सांसद बचाओ अभियान शुरू कर दें. और दुखी एवं निराश सांसदों के घर जाकर उनसे माफी मांगे."
कल से सब पूछ रहे हो कि सपा में क्या टूट होने वाली है?
— Om Prakash Rajbhar (@oprajbhar) June 18, 2026
तो सुनो!
सपा के बागी सांसदों के गुट का नेतृत्व उत्तर प्रदेश की 'बागी भूमि' का एक लाल करेगा।
और करे भी क्यों न?
कल जिस तरह से सपा कार्यालय में सम्मेलन के नाम पर ब्राह्मणों को तिरस्कृत किया गया, उससे 'बागी बलिया' का लाल…
इस राजनीतिक विवाद में तब और वजन आ गया जब उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी कानपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान राजभर के दावों का समर्थन कर दिया. केशव प्रसाद मौर्य ने साफ शब्दों में कहा कि समाजवादी पार्टी के लगभग 25 से 26 सांसद अखिलेश यादव की कार्यशैली और पार्टी के फैसलों से नाखुश हैं और वे अलग होने का मन बना रहे हैं.
हालांकि, मौर्य ने यह भी साफ किया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) किसी भी पार्टी को तोड़ने की कोशिश नहीं कर रही है, बल्कि विपक्ष के नेता अपने आंतरिक मतभेदों और नेतृत्व की कमियों के कारण खुद ही अलग हो रहे हैं. डिप्टी सीएम ने तंज कसते हुए कहा कि सपा की साइकिल अब आगे नहीं बढ़ पाएगी और आगामी विधानसभा चुनावों में भाजपा भारी बहुमत के साथ सत्ता में वापसी करेगी.