Advertisement

Samajwadi Party ने लगाए गए थे वोटर लिस्ट से यादवों और मुस्लिमों के नाम काटने के आरोप, अब चुनाव आयोग को देंगे सबूत

Samajwadi Party Election Commission: वोटर लिस्ट से यादवों और मुस्लिमों का नाम काटने का आरोप लगाने वाली सपा के नेता चुनाव आयोग को सबूत सौंपेंगे.

Samajwadi Party ने लगाए गए थे वोटर लिस्ट से यादवों और मुस्लिमों के नाम काटने के आरोप, अब चुनाव आयोग को देंगे सबूत

सपा को चुनाव आयोग ने भेजा था नोटिस

Add DNA as a Preferred Source

डीएनए हिंदी: समाजवादी पार्टी ने आरोप लगाए थे कि उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव (UP Assembly Elections) में कई मुस्लिमों और यादवों के नाम वोटर लिस्ट से काट दिए गए थे. इसी को लेकर चुनाव आयोग ने सपा के अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) को नोटिस भेज दिया था. अब सपा नेताओं ने कहा है कि उनकी पार्टी का प्रतिनिधिमंडल चुनाव आयोग (Election Commission) से मिलकर सबूत सौंपेगा और अपना दावा साबित करेगा. सपा ने कहा था कि लगभग हर विधानसभा में मुस्लिमों और यादवों के लगभग 20,000 वोट, वोटर लिस्ट से काट दिए गए थे. सपा ने आरोप लगाए थे कि यह सब बीजेपी के इशारे पर किया गया था.

सपा के वरिष्ठ नेताओं ने कहा कि पार्टी का प्रतिनिधिमंडल वोटर लिस्ट से काटे गए नामों को ले जाएगा. साथ ही, उन बूथों की मतदाता सूची भी सौंपेगा जहां अंतिम समय में नाम काट दिए गए. सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने कहा, 'हम गुरुवार को आयोग को दस्तावेज सौंपेंगे कि हम अपने दावों का समर्थन करने के लिए जो समय मिला है, उसे इकट्ठा करने में कामयाब रहे हैं.'

यह भी पढ़ें- बीजेपी की लिस्ट में हार्दिक पटेल, रिबावा जडेजा का नाम, जानिए किसे-किसे मिला टिकट

बीजेपी के इशारे पर नाम काटने का है आरोप
पूर्व मंत्री रविदास मेहरोत्रा ने कहा, "दरअसल, हमने चुनाव के दौरान इस गड़बड़ी को देखा था और इसके बारे में अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष को सूचित किया था. हमने अब मतदाताओं को इकट्ठा किया है. उन नामों को सत्यापित किया जिनके नाम काट दिए गए.' सपा नेतृत्व ने पार्टी के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों को सर्कुलर भेजकर इस संबंध में दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत करने को कहा था.

वोटर लिस्ट से काटे गए नामों की जानकारी जुटाने के काम की निगरानी कर रहे एक वरिष्ठ नेता ने कहा, 'हमारे सामने ऐसे उदाहरण आए हैं, जहां कुछ मामलों में सैकड़ों में नाम अंतिम समय में एक बूथ की सूची से हटा दिए गए.' 27 अक्टूबर को, चुनाव आयोग ने सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को एक नोटिस दिया था, जिसमें उन्हें आरोपों के सबूत पेश करने के लिए कहा गया था कि आयोग द्वारा लगभग 20,000 यादव और मुस्लिम मतदाताओं के नाम बीजेपी के इशारे पर हर विधानसभा क्षेत्र के चुनाव में हटा दिए गए.

यह भी पढ़ें- एक महीने पहले हो गई थी मौत, फिर भी चुनाव में मिली बंपर जीत, समझिए मामला

सपा चीफ अखिलेश यादव को 10 नवंबर तक अपने आरोपों के समर्थन में दस्तावेजी सबूत पेश करने को कहा गया है. अखिलेश यादव ने सितंबर में लखनऊ में आयोजित पार्टी के राष्ट्रीय सम्मेलन में प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए आरोप लगाए थे.

देश-दुनिया की ताज़ा खबरों Latest News पर अलग नज़रिया, अब हिंदी में Hindi News पढ़ने के लिए फ़ॉलो करें डीएनए हिंदी को गूगलफ़ेसबुकट्विटर और इंस्टाग्राम पर.

Read More
Advertisement
Advertisement
Advertisement