भारत
इंडोनेशिया में शिक्षाविदों और थिंक टैंकों को संबोधित करते हुए सलमान खुर्शीद ने आर्टिकल 370 को हटाए जाने का समर्थन किया था. इससे कांग्रेस पार्टी में बेचैनी पैदा हो गई.
ऑपरेशन सिंदूर को लेकर विदेश गए कांग्रेस सांसद शशि थरूर और वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद पार्टी के लिए 'सिरदर्द' बने हुए हैं. वह विदेशी सरजमीं से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की आतंकवाद पर नई नीति की प्रशंसा कर रहे हैं और सर्जिकल स्ट्राइक, अनुच्छेद 370 हटाने के मुद्दों पर पार्टी लाइन का विरोध करते नजर आ रहे हैं.
सलमान खुर्शीद ने सोमवार को पाकिस्तान को बेनकाब करने के भारत के वैश्विक अभियान के बीच घरेलू राजनीतिक विभाजन पर चिंता व्यक्त की और पूछा कि देशभक्त होना इतना कठिन क्यों है? यह इशारा कांग्रेस के भीतर उनके आलोचकों की ओर था.
पूर्व विदेश मंत्री ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, 'जब मैं आतंकवाद के खिलाफ भारत का संदेश दुनिया तक पहुंचाने के लिए एक मिशन पर हूं, यह दुखद है कि अपने देश में लोग राजनीतिक निष्ठाओं का हिसाब लगा रहे हैं. क्या देशभक्त होना इतना मुश्किल है?'
आर्टिकल 370 हटाए जाने का किया समर्थन
हाल ही में इंडोनेशिया में शिक्षाविदों और थिंक टैंकों को संबोधित करते हुए सलमान खुर्शीद ने आर्टिकल 370 को हटाए जाने का समर्थन किया था. इससे कांग्रेस पार्टी में बेचैनी पैदा हो गई. हालांकि, कांग्रेस ने आधिकारिक रूप से इस पर चुप्पी साधे रखी. शशि थरूर के मामले के विपरीत, जहां उसने सार्वजनिक मंच पर उनकी 'मोदी भक्ति' पर सवाल उठाए थे. बीजेपी ने अनुच्छेद 370 हटाए जाने के लिए खुर्शीद की प्रशंसा का तुरंत स्वागत किया.
सलमान खुर्शीद ने कहा कि अगस्त 2019 में जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे को रद्द करने के केंद्र सरकार के फैसले से क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव आए और समृद्धि बढ़ी है, जबकि पाकिस्तान स्थित आतंकवादियों द्वारा कश्मीर घाटी में अच्छाई को खत्म करने का एक हताश प्रयास किया जा रहा है.
थरूर ने पीएम मोदी की तारीफ में पढ़े कसीदे
इससे पहले 7 प्रतिनिधिमंडलों में से एक का नेतृत्व कर रहे शशि थरूर को पार्टी की ओर से उस समय कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ा था. थरूर ने सीमा पार भारत की 'पहली' सर्जिकल स्ट्राइक को हरी झंडी दिखाने के लिए पीएम मोदी के नेतृत्व वाली सरकार को श्रेय दिया था. जिसको लेकर कांग्रेस ने उन्हें आड़ों हाथ लिया और कहा कि थरूर विदेश पाकिस्तान की पोल खोलने गए हैं या कांग्रेस के इतिहास को मिटाने.
शशि थरूर ने कहा था कि वह स्वदेश लौटने पर पार्टी के भीतर से हो रही आलोचनाओं का समाधान करेंगे. उन्होंने कहा कि आतंकवाद पर भारत का रुख पेश करना समय की मांग है और यह आंतरिक बहस का समय नहीं है, बल्कि मिशन की सफलता सुनिश्चित करने का समय है.
(With IANS input)
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