भारत
इस साल गणतंत्र दिवस परेड में पहली बार कर्तव्य पथ पर प्रलय मिसाइल का प्रदर्शन किया जाएगा. जिसका उद्देश्य भारतीय सेना की स्वदेशी प्रणालियों पर फोकस करेगा.
इस बार 26 जनवरी को आयोजित होने वाली गणतंत्र दिवस परेड में भारतीय रक्षा क्षेत्र की ताकत और तकनीकी उन्नति का शानदार प्रदर्शन किया जाएगा. पहली बार, सामरिक बैलिस्टिक मिसाइल प्रलय और स्वदेशी पिनाका मल्टी-बैरल रॉकेट सिस्टम को परेड में शामिल किया जाएगा, जो भारतीय सेना की स्वदेशी प्रणालियों पर फोकस करेगा.
दुश्मन के ठिकानों को पर सटीक निशाना
गणतंत्र दिवस परेड में पहली बार प्रदर्शित होने वाली प्रलय मिसाइल को सतह से सतह पर मार करने की क्षमता प्रदान की गई है. यह मिसाइल 500 किलोमीटर तक के दायरे में दुश्मन के ठिकानों को नष्ट करने में सक्षम है और इसे विशेष रूप से भारत-चीन सीमा पर तैनात किया गया है. इस मिसाइल का उद्देश्य पारंपरिक हमलों के जरिए दुश्मन को भारी नुकसान पहुंचाना है.
स्वदेशी सफलता की मिसाल
पिनाका रॉकेट सिस्टम का विकास भी भारतीय रक्षा क्षेत्र की एक बड़ी उपलब्धि है. यह मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर कई बार सेना की ताकत को बढ़ा चुका है. इस रॉकेट सिस्टम की रेंज को और बढ़ाने के प्रयास चल रहे हैं, जिसमें 75 किलोमीटर से लेकर 150 किलोमीटर तक की दूरी को कवर करने की कोशिशें की जा रही हैं. गौरतलब है कि, हाल ही में आर्मेनिया को पिनाका रॉकेट सिस्टम की आपूर्ति भी की गई है.
इंडोनेशियाई सैनिकों की मार्चिंग टुकड़ी
इस वर्ष के गणतंत्र दिवस परेड के मुख्य अतिथि इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांटो होंगे. उनके सम्मान में, इंडोनेशिया की 160 सदस्यीय सैनिकों की टुकड़ी और 190 सदस्यीय बैंड टुकड़ी भी परेड में शामिल होगी.
ख़बर की और जानकारी के लिए डाउनलोड करें DNA App, अपनी राय और अपने इलाके की खबर देने के लिए जुड़ें हमारे गूगल, फेसबुक, x, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और वॉट्सऐप कम्युनिटी से.