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तृणमूल कांग्रेस के 20 बागी लोकसभा सांसदों ने आज स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात की. इस मुलाकात के बाद TMC के बागी सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय ने बताया कि हम नेशनलिस्ट सिटिज़न्स पार्टी में विलय करेंगे.
Trinamool Congress: तृणमूल कांग्रेस के लोकसभा के 20 बागी सांसदों ने रविवार, 14 जून को स्पीकर ओम बिरला के साथ हुई कई घंटों की बैठक के बाद एक बड़ा फैसला लिया है. ममता बनर्जी से बगावत करने वाला इस धड़े ने तय किया कि TMC के 20 बागी सांसद 'नेशनलिस्ट सिटिज़न्स पार्टी' में शामिल होंगे और सत्ताधारी NDA को समर्थन देंगे. टीएमसी की बागी सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने ये भी बताया है कि तृणमूल कांग्रेस के दो-तिहाई सांसदों ने अलग बैठने की व्यवस्था के लिए लोकसभा अध्यक्ष को पत्र सौंपा है. काकोली घोष दस्तीदार ने बताया है कि 20 सांसद हमारी कुल संख्या का दो-तिहाई से ज्यादा हिस्सा हैं. आगे चलकर ये सभी प्रधानमंत्री के नेतृत्व में NDA के साथ मिलकर काम करेंगे.
#WATCH | Delhi: After meeting Lok Sabha Speaker Om Birla, Rebel TMC MP Kakoli Ghosh Dastidar says, "We, the twenty MPs elected from the AITC, met the Speaker and submitted a letter requesting to sit separately; these twenty MPs constitute more than two-thirds of our total… https://t.co/9rbLSAmmwQ pic.twitter.com/XIOlUMGSsY
— ANI (@ANI) June 14, 2026
TMC के एक अन्य बागी सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय कहा कि हम नेशनलिस्ट सिटिज़न्स पार्टी में विलय करेंगे जो कि एक यह एक क्षेत्रीय पार्टी है. सुदीप बंद्योपाध्याय कहा कि नियम यही है. जब आप पार्टी के 2/3 सदस्यों के साथ अलग होते हैं, तो आप पहले ही दिन उस पार्टी का नाम नहीं मांग सकते. जुलाई में हम तृणमूल का नाम हमें देने की मांग करेंगे क्योंकि हमारे पास तृणमूल का 2/3 बहुमत है. फिर कोर्ट तय करेगा. TMC सांसद कीर्ति आजाद और शत्रुघ्न सिन्हा के बारे में सुदीप बंद्योपाध्याय ने बस ये कहा कि बिहार के लोग बंगाल की पार्टी को ज्यादा समर्थन देते हैं.
#WATCH | Delhi: TMC rebel MP Sudip Bandyopadhyay says, "We will merge with the Nationalist Citizens Party... It is a regional party. This is the system. When you leave with 2/3rd of the party, you cannot demand the name of that party on the first day itself... In July, we will… pic.twitter.com/dLGtFJZvB0
— ANI (@ANI) June 14, 2026
इस नए घटनाक्रम के बाद साफ संकेत मिल रहे हैं कि तृणमूल कांग्रेस से ममता बनर्जी का नियंत्रण पूरी तरह से खत्म हो जाएगा. अगर स्पीकर ओम बिरला बागी सांसदों के गुट को नेशनलिस्ट सिटिज़न्स पार्टी में विलय की मंजूरी देते हैं तो यह ममता के लिए बड़ा झटका होगा. 1998 में ममता बनर्जी द्वारा तृणमूल कांग्रेस की स्थापना के बाद से पार्टी में ये सबसे बड़ी फूट है. इससे लोकसभा में पार्टी की ताकत घटकर सिर्फ 9 तक सिमट सकती है. साथ ही, विपक्ष का संसदीय गणित भी बदल सकता है.
टीएमसी में बगावत और 20 सांसदों द्वारा अलग गुट बनाए जाने के बाद पार्टी के संसदीय दल के नेता अभिषेक बनर्जी ने लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि वह पार्टी का अलग गुट होने का दावा करने वाले किसी भी समूह को कोई मान्यता, दर्जा या सुविधा नहीं दें. बनर्जी ने कहा है कि संविधान और दलबदल विरोधी कानून किसी मौजूदा राजनीतिक दल के भीतर अलग गुट बनाने की इजाजत नहीं देते हैं. पार्टी महासचिव अभिषेक बनर्जी ने अपने पत्र में अनुरोध किया है कि ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (एआईटीसी) को एक ही राजनीतिक पार्टी माना जाए.