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Railway Ministry ने खारिज की यूनियन की मांग, सिग्नल-टेलीकॉम को नहीं मिलेगा नया पद

रेल मंत्रालय ने सिग्नल और टेलीकॉम विभाग के लिए रेलवे बोर्ड में अलग सदस्य (Member) का पद दोबारा से स्थापित करने की यूनियन की मांग को अस्वीकार कर दिया है. यूनियन का कहना है कि इस फैसले से विभाग के कर्मचारी खुद को उपेक्षित और नजरअंदाज महसूस कर रहे हैं.

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Railway Ministry ने खारिज की यूनियन की मांग, सिग्नल-टेलीकॉम को नहीं मिलेगा नया पद

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रेल मंत्रालय ने इंडियन रेलवे सिग्नल एंड टेलीकॉम मेंटेनर्स यूनियन (IRSTMU) की उस मांग को खारिज कर दिया है जिसमें रेलवे बोर्ड में एक अलग सदस्य (सिग्नल और टेलीकॉम) पद की बहाली की मांग की गई थी. यूनियन ने यह मांग 24 सितंबर 2024 को प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के जन शिकायत पोर्टल पर की थी. यूनियन के महासचिव आलोक चंद्र प्रकाश ने इस मांग को लेकर लिखा था कि सिग्नल और टेलीकॉम कर्मचारी खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं क्योंकि उनका कोई प्रत्यक्ष प्रतिनिधि बोर्ड स्तर पर मौजूद नहीं है. 

पहले बना था पद, फिर खत्म कर दिया गया 

प्रकाश ने अपने पत्र में यह भी बताया कि 16 अप्रैल 2019 को रेलवे बोर्ड में डायरेक्टर जनरल (S&T) का पद अपग्रेड कर सदस्य (S&T) बनाया गया था. लेकिन बाद में 8 सितंबर 2020 को यह पद समाप्त कर दिया गया और उसकी जगह सदस्य (बुनियादी ढांचा) का नया पद सृजित कर दिया गया. इसी के बाद से यूनियन लगातार इस फैसले का विरोध कर रही है और पुनः सदस्य (S&T) पद को बहाल करने की मांग कर रही है. 


रेल मंत्रालय ने दी साफ अस्वीकृति 

PMO द्वारा यूनियन की शिकायत को रेल मंत्रालय को भेजे जाने के बाद मंत्रालय ने हाल ही में अपनी प्रतिक्रिया दी है. मंत्रालय का कहना है कि संबंधित विभागों के साथ विचार-विमर्श के बाद यह तय किया गया है कि फिलहाल इस मांग को स्वीकार करना संभव नहीं है. 

हालांकि मंत्रालय ने जानकारी दी है कि एडिशनल मेंबर (सिग्नल) का जो पद 1 फरवरी 2023 से रिक्त था, उसमें विजयलक्ष्मी कौशिक को 16 अक्टूबर 2024 को नियुक्त कर दिया गया है. 

 
यूनियन ने जताई नाराज़गी 

आलोक प्रकाश ने कहा कि रेलवे में सिग्नल और टेलीकॉम स्टाफ की भूमिका सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम है, फिर भी उनकी समस्याओं और मांगों को बोर्ड स्तर पर सुना नहीं जाता. उन्होंने यह भी कहा कि हाल के दिनों में तकनीकी खामियों के कारण कई दुर्घटनाएं हुई हैं, लेकिन न तो नए पद सृजित किए जा रहे हैं और न ही पुराने रिक्त पदों को भरा जा रहा है. 

वर्तमान में रेलवे बोर्ड में चार सदस्य 

फिलहाल रेलवे बोर्ड में चार मुख्य सदस्य कार्यरत हैं.

सदस्य (बुनियादी ढांचा) 

सदस्य (ट्रैक्शन एवं रोलिंग स्टॉक) 

सदस्य (ऑपरेशंस एंड बिजनेस डेवलपमेंट) 

सदस्य (वित्त) 

S&T यूनियन की लंबे समय से मांग है कि बोर्ड में एक पांचवां सदस्य विशेष रूप से सिग्नल और टेलीकॉम विभाग के लिए होना चाहिए ताकि तकनीकी कर्मचारियों की बात नीति-निर्धारण स्तर तक पहुंचे. 

 

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