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पुल, प्लेटफार्म या मूर्तियां रिबन काटने... बांद्रा स्टेशन पर मची भगदड़ को लेकर राहुल गांधी ने सरकार को घेरा

राहुल गांधी कहा, ‘सोचिए जरा जब छत्रपति शिवाजी महाराज की मूर्ति तक मात्र 9 महीने में गिर जाती है, इसका साफ मतलब है इरादा सिर्फ प्रचार था, इसमें न ही शिवाजी महाराज का सम्मान था और न जनता की सुरक्षा का ध्यान.’

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पुल, प्लेटफार्म या मूर्तियां रिबन काटने... बांद्रा स्टेशन पर मची भगदड़ को लेकर राहुल गांधी ने सरकार को घेरा

Rahul Gandhi Bandra station stampede

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मुंबई के बांद्रा स्टेशन पर रविवार को अचानक भगदड़ मच गई. इस हादसे में 9 लोग घायल हो गए. दिवाली और छठ पूजा मानने के लिए घर जा रहे लोगों की भीड़ इकट्ठा हुई थी.  बांद्रा-गोरखपुर अंत्योदय एक्सप्रेस स्टेशन नंबर एक पर पहुंची तो लोग सीट घेरने के लिए एक दूसरे में धक्का मारते हुए ट्रेन में चढ़ने की कोशिश करने लगे. इस मामले को लेकर लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने निशाना साधा है.

राहुल गांधी ने कहा कि बांद्रा रेलवे स्टेशन पर मची भगदड़ भारत के चरमराते बुनियादी ढांचे का ताजा उदाहरण है. उन्होंने यह भी कहा कि उद्घाटन और प्रचार तभी अच्छे होते हैं जब उनके पीछे ऐसी बुनियाद हो जो जनता की सेवा के लिए असल में काम करे. नगर निकाय और आपदा प्रबंधन अधिकारियों ने बताया कि बांद्रा स्टेशन पर रविवार तड़के गोरखपुर जाने वाली एक ट्रेन में चढ़ने के लिए धक्का-मुक्की के दौरान मची भगदड़ में 9 लोग घायल हो गए.

राहुल गांधी ने एक्स पर कहा, ‘जब सार्वजनिक संपत्ति के रखरखाव के अभाव और उपेक्षा के कारण लोगों की जान जाने लगे और पुल, प्लेटफॉर्म या मूर्तियां रिबन काटने के साथ ही गिरने लगें, तो यह गंभीर चिंता का विषय है.’ 

'बालासोर में 300 लोगों की जान गई'
उन्होंने कहा कि बांद्रा टर्मिनस स्टेशन पर हुई भगदड़ भारत के ढहते बुनियादी ढांचे की कड़ी में सबसे ताजा उदाहरण है. कांग्रेस नेता ने दावा किया कि पिछले साल जून में बालासोर ट्रेन हादसे में 300 लोगों की जान चली गई, लेकिन पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने के बजाय भाजपा नीत सरकार ने उन्हें लंबे कानूनी दांव-पेंच में उलझा दिया. 

राहुल गांधी कहा, ‘सोचिए जरा जब छत्रपति शिवाजी महाराज की मूर्ति तक मात्र 9 महीने में गिर जाती है, इसका साफ मतलब है इरादा सिर्फ प्रचार था, इसमें न ही शिवाजी महाराज का सम्मान था और न जनता की सुरक्षा का ध्यान.’ उन्होंने कहा कि आज देश को अंतरराष्ट्रीय स्तर के बुनियादी ढांचे की आवश्यकता है जो गरीबों की स्थानीय जरूरतों का भी ध्यान रखे, जो व्यापार को सरल, यात्रा को सुगम और लोगों को सुरक्षित रखे.’ 

उन्होंने कहा, ‘भारत सक्षम है, समर्थ है. हमें बस ज़रूरत है प्रभावी और पारदर्शी सिस्टम की जिसका लक्ष्य जनसेवा हो और फोकस देश के मजबूत भविष्य की बुनियाद हो. (PTI इनपुट के साथ)

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