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अखिल भारतीय हिंदू महासंघ के मंडल अध्यक्ष पंकज पाठक ने राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज कराने के लिए सांसद-विधायक अदालत में याचिका दायर की थी, जिसे अदालत ने 27 अगस्त को निरस्त कर दिया था.
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को मंगलवार को बरेली की कोर्ट में पेश होना था. लेकिन न तो वह पेश हुए और न ही उनका कोई वकील पहुंचा. इसके बाद कोर्ट ने नया समन जारी करते हुए 17 जनवरी को उन्हें पेश होने के आदेश दिया.
मामले में वादी के अधिवक्ता वीरेंद्र पाल गुप्ता ने बताया कि राहुल गांधी को मंगलवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुधीर कुमार के समक्ष पेश होकर अपना पक्ष रखना था, लेकिन वह अदालत नहीं पहुंचे. जिसके कोर्ट ने कांग्रेस नेता को 17 जनवरी को पेश होने को कहा गया है. गुप्ता ने बताया कि यह मामला जिला न्यायाधीश की अदालत से एमपी-एमएलए कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया गया है.
राहुल गांधी के खिलाफ किसने दायर की थी याचिका
इसके पहले कोर्ट ने आर्थिक सर्वेक्षण संबंधी बयान मामले में राहुल गांधी को नोटिस जारी करते हुए 7 जनवरी को पेश होने के लिए कहा था. बरेली के सुभाष नगर के निवासी और अखिल भारतीय हिंदू महासंघ के मंडल अध्यक्ष पंकज पाठक ने वकील वीरेंद्र गुप्ता और अनिल द्विवेदी के जरिए राहुल के खिलाफ FIR दर्ज कराने के लिए सांसद-विधायक अदालत में याचिका दायर की थी, जिसे अदालत ने 27 अगस्त को निरस्त कर दिया था.
इस आदेश को चुनौती देते हुए सत्र अदालत में पुनर्विचार याचिका दायर की गई. जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुधीर कुमार ने राहुल गांधी के खिलाफ फौजदारी पुनरीक्षण याचिका स्वीकार कर मामले का संज्ञान लेते हुए सुनवाई के लिए इस साल सात जनवरी की तिथि निर्धारित की थी.
अदालत ने नोटिस जारी कर राहुल गांधी को पेश होने का आदेश भी दिया था, लेकिन वह मंगलवार को अदालत में पेश नहीं हुए, इसलिए अब उन्हें 17 जनवरी को पेश होने के लिए समय दिया है. याचिकाकर्ता पाठक ने आरोप लगाया कि कांग्रेसन नेता ने एक समुदाय को खुश करने के उद्देश्य से बयान दिया और दूसरे समुदाय की संपत्ति को निशाना बनाया, जिससे वह काफी आहत हुए.
(With PTI inputs)
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