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एक बंद होता इंजन, मौत से चंद कदम की दूरी, और एक सपना जो उस दिन बिखर सकता था… सोचिए, क्या कोई ऐसी डरावनी उड़ान के बाद भी फिर से आसमान की ऊंचाइयों को छूने का हौसला कर सकता है? 24 साल की भाविका राठौड़ की कहानी बताती है हां, कर सकता है.
जब 24 साल की भाविका राठौड़ ने पायलट बनने का सपना देखा, तब उन्होंने नहीं सोचा था कि उन्हें आसमान में एक ऐसी परीक्षा से गुजरना पड़ेगा, जो किसी की भी हिम्मत तोड़ सकती है. 25 जुलाई 2022 को, पुणे के बारामती स्थित कार्वर एविएशन फ्लाइंग स्कूल से उड़ान भरते समय उनका विमान अचानक हवा में 1,000 फीट की ऊंचाई पर इंजन फेल हो गया. यह वही उड़ान थी जो उनके कमर्शियल पायलट लाइसेंस की तरफ आखिरी कदमों में से एक थी.
भाविका ने बताया, "एक अजीब सी आवाज आई और फिर सबकुछ शांत हो गया." बिना इंजन के, रिहायशी इलाके के पास एक कीचड़ भरे खेत में उन्होंने बेहद साहस और सूझबूझ के साथ इमरजेंसी लैंडिंग की. यह लैंडिंग रिहायशी इलाके से सिर्फ 100 फीट दूर थी, लेकिन किसी को कोई नुकसान नहीं हुआ – और वह खुद भी मामूली चोटों के साथ सुरक्षित बच निकलीं.
इमरजेंसी लैंडिंग के बाद की कहानी और भी कठिन थी. DGCA ने जांच शुरू की, तीन दिन तक पूछताछ चली और उड़ानों पर प्रतिबंध लग गया. मानसिक रूप से टूट चुकी भाविका ने एविएशन छोड़ने तक का मन बना लिया था. लेकिन परिवार और दोस्तों ने उन्हें टूटने नहीं दिया. उन्होंने फिर से खुद को तैयार किया, डर से लड़ीं और उड़ान की ओर लौटीं.
दिसंबर 2022 में उड़ान की इजाजत मिली. जनवरी 2023 में भाविका ने वही विमान, वही रनवे और वही खौफ दोबारा फेस किया – लेकिन इस बार आत्मविश्वास के साथ. सितंबर 2023 में उन्होंने आखिरकार अपना कमर्शियल पायलट लाइसेंस हासिल कर लिया.
भाविका यहीं नहीं रुकीं. उन्होंने स्पेन जाकर एयरबस A320 की ट्रेनिंग पूरी की और अब उनका अगला सपना है. दुनिया के सबसे बड़े पैसेंजर जेट Airbus A380 को उड़ाना.
स्वरगेट, पुणे की इस साधारण लड़की ने दिखा दिया कि अगर दिल में उड़ान हो, तो कोई इंजन फेलियर भी सपनों को रोक नहीं सकता. भाविका राठौड़ आज हर उस इंसान के लिए प्रेरणा हैं जो मुसीबत में भी अपने सपनों को जिंदा रखना चाहता है.