भारत
केतन अग्रवाल की लोहागढ़ किले में हुई हत्या के मामले में पुलिस ने तीसरे आरोपी को गिरफ्तार किया है. इससे पहले केतन की मंगेतर सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी को गिरफ्तार किया जा चुका था.
पुणे से सामने आए एक दिल दहला देने वाले हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या के मामले में पुलिस ने शुक्रवार (4 सितंबर 2026) को तीसरे आरोपी रितेश हांगे को गिरफ्तार कर लिया है. इससे पहले केतन की मंगेतर सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी को गिरफ्तार किया जा चुका है.
रितेश, चेतन का दोस्त है और उस पर 18 जून को लोहागढ़ किले में ट्रैकिंग के दौरान केतन की हत्या की साजिश में शामिल होने का आरोप है. पुणे ग्रामीण पुलिस के मुताबिक, फोन की फोरेंसिक जांच से रितेश का रोल सामने आया.
आरोपियों के बीच व्हाट्सएप चैट से खुलासा हुआ कि केतन को लोहागढ़ किले से धक्का देकर नीचे गिराने और सबूत मिटाने की पूरी योजना पहले से बनाई गई थी. पुलिस के मुताबिक, सिया और चेतन के प्रेम प्रसंग में केतन रोड़ा बन रहा था, इसलिए दोनों ने मिलकर उसे रास्ते से हटाने का प्लान बनाया. कोर्ट ने रितेश को 12 सितंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है.
शुरुआत में इसे सिर्फ एक हादसा मानकर पुलिस ने अनहोनी का मामला दर्ज किया था. 18 जून को जब यह घटना हुई, तब सिया ने पुलिस को बताया कि फोटो खिंचवाते वक्त केतन का पैर फिसल गया और वह खाई में गिर गया. लेकिन केतन की बहन को शुरुआत से ही सिया पर शक था.
घटना के चार दिन बाद जब सिया संवेदना व्यक्त करने केतन के घर पहुंची, तो केतन की बहन ने उससे लोहागढ़ किले में हुई घटना को लेकर तीखे सवाल किए. केतन और सिया 31 मई, 14 जून और 18 जून को तीन बार वहां ट्रैकिंग के लिए गए थे. बातचीत के दौरान सिया बार-बार बयान बदल रही थी और सवालों से बच रही थी. बहन का शक गहराया, जिसके बाद परिवार ने पुलिस से दोबारा जांच की मांग की.
परिवार के दबाव में पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले और तकनीकी सबूत जुटाए. पुलिस ने देखा कि जून की तपती गर्मी में भी एक शख्स हुडी पहनकर केतन और सिया की गाड़ी का पीछा कर रहा था. इस अजीब पहनावे ने पुलिस का ध्यान खींचा, जिससे प्रेमी चेतन चौधरी की पहचान हुई.
जांच में खुलासा हुआ कि सिया और चेतन पिछले तीन सालों से संपर्क में थे. जनवरी से जून के बीच दोनों के बीच 2,000 से ज्यादा बार फोन पर बात हुई थी, जो कुल मिलाकर करीब 238 घंटे बैठती है. सच सामने आने के बाद पुलिस ने 23 जून को सिया और चेतन को गिरफ्तार कर लिया.
केतन के पिता विशाल अग्रवाल ने मामले में एक और चौंकाने वाला दावा किया. उन्होंने बताया कि केतन और सिया 6 जून को प्री-वेडिंग फोटोशूट के लिए बाली जाने वाले थे. घर से निकलते वक्त कार में केतन, उसकी बहन, सिया और सिया का भाई साहिल थे. सभी के पासपोर्ट एक ही पाउच में रखे थे.
रास्ते में एक फूड मॉल पर रुकने के दौरान सिया ने मोबाइल भूलने का बहाना बनाया और गाड़ी के पास वापस गई. जब वे मुंबई एयरपोर्ट पहुंचे, तो बाकी सभी के पासपोर्ट सुरक्षित थे, लेकिन सिर्फ केतन का पासपोर्ट गायब था. इस वजह से केतन को एयरपोर्ट से वापस लौटना पड़ा और यात्रा रद्द हो गई. इसके ठीक 12 दिन बाद लोहागढ़ किले में उसकी हत्या कर दी गई. पुलिस अब इस पहलू की भी जांच कर रही है.
ये भी पढ़ें- चांदी ₹3 लाख तक पहुंचेगी या फिर आएगी बड़ी गिरावट? सराफा बाजार में आगे का रास्ता तय करेंगे ये 5 फैक्टर