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Pulwama Attack को लेकर सामने आया है कि आतंकी कश्मीर घाटी में प्रवासी मजदूरों को ही अपना निशाना बना रहे हैं जो कि आम आदमी के मन में भय फैलाने का प्रयास माना जा रहा है.
डीएनए हिंदी: 5 अगस्त यानी शुक्रवार को अनुच्छेद-370 के खात्मे की तीसरी बरसी है लेकिन इससे पहले ही जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) के पुलवामा से आतंकी हमले (Pulwama Attack) की खबर सामने आई है. आतंकियों ने हमले में प्रवासी मजदूरों को निशाने पर लिया है और ग्रेनेड के जरिए हमला किया. इस हमले में एक प्रवासी मजदूरों की मौत भी हुई. कश्मीर पुलिस के मुताबिक आतंकियों ने गदूरा इलाके में श्रमिकों पर ग्रेनेड फेंके और इसके चलते एक मजदूर की मौत हो गई, जबकि दो अन्य घायल हैं.
इस आतंकी हमले को लेकर स्थानीय पुलिस का कहना है कि इलाके में तलाशी अभियान चलाया गया है. वहीं इस हमले में मारे गए मजदूर की पहचान मोहम्मद मुमताज के रूप में हुई है जो कि बिहार के सकवा परसा का रहने वाला था. घायलों का इलाज पुलवामा के जिला अस्पताल में चल रहा है.
#Terrorists hurled grenade on outside labourers at Gadoora area of #Pulwama. In this #terror incident, one labourer died and two others were injured. Area cordoned off. Further details shall follow.@JmuKmrPolice
— Kashmir Zone Police (@KashmirPolice) August 4, 2022
पुलिस ने बताया है कि घायलों के नाम मोहम्मद आरिफ और मोहम्मद मजबूल है. ये दोनों ही बिहार के रामपुर के रहने वाले थे. कश्मीर जोन की पुलिस का कहना है कि इलाजरत दोनों ही मजदूरों की हालत स्थिर है. वहीं इस हमले की निंदा करते हुए श्रीनगर के पूर्व डिप्टी मेयर शेख इमरान ने कहा कि हिंसा को किसी भी रूप में स्वीकार नहीं किया जा सकता है.
शुक्रवार को अनुच्छेद 370 के खात्मे की तीसरी बरसी है. इससे पहले यह हमला सुरक्षा बलों और स्थानीय प्रशासन के लिए एक बड़ा झटका है. 5 अगस्त 2019 को अनुच्छेद 370 खत्म किया गया था. इसे हटाने के पीछे एक अहम कारण आतंकियों को काबू में करना बताया गया था.
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पिछले तीन वर्षों में पहले की अपेक्षा आतंकी घटनाओं में कमी भी आई हैं लेकिन अहम बात यह भी है कि अब आतंकी आम जनमानस पर हमला करके लोगों के मन में दहशत पैसा कर रहे हैं जो कि सुरक्षाबलों के लिए एक बड़ी चुनौती है.
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