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केंद्र का शासन होने के बावजूद शांति बहाली क्यों नहीं? मणिपुर हिंसा मामले में प्रियंका गांधी ने PM मोदी से पूछे तीखे सवाल

Manipur Violence: मणिपुर में फिर भड़की हिंसा के बाद कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है. प्रियंका गांधी ने पीएम मोदी की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए इसे संवैधानिक कर्तव्य से भागना बताया है.

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केंद्र का शासन होने के बावजूद शांति बहाली क्यों नहीं? मणिपुर हिंसा मामले में प्रियंका गांधी ने PM मोदी से पूछे तीखे सवाल

Manipur Violence

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Manipur Violence: मणिपुर में एक बार फिर पांच जिलों में हिंसा की घटनाओं ने राज्य की नाज़ुक स्थिति को उजागर कर दिया है. इन घटनाओं के बाद कांग्रेस पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है. प्रियंका गांधी वाड्रा और जयराम रमेश जैसे वरिष्ठ नेताओं ने मणिपुर को उसके हाल पर छोड़ देने का आरोप लगाते हुए मोदी सरकार की संवेदनहीनता और निष्क्रियता पर सवाल उठाए हैं. दोनों नेताओं ने दावा किया कि केंद्र सरकार की विफल नीतियों और प्रधानमंत्री की चुप्पी ने मणिपुर की स्थिति को और भयावह बना दिया है. 

मणिपुर में फिर भड़की हिंसा

मणिपुर में बीते दिनों पांच जिलों इंफाल पश्चिम, इंफाल पूर्व, थौबल, काकचिंग और बिष्णुपुर में हुई ताजा हिंसा के बाद राजनीतिक हलकों में उथल-पुथल मच गई है. कांग्रेस ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए हैं. 

न तो कोई दौरा किया, न शांति की अपील की

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि मणिपुर दो वर्षों से आग में जल रहा है. हत्या, बलात्कार और पलायन की त्रासदी झेल रहे इस राज्य की सुध लेने के लिए प्रधानमंत्री ने न तो कोई दौरा किया, न शांति की अपील की और न ही कोई ठोस कदम उठाया. उन्होंने प्रधानमंत्री की चुप्पी को 'संवैधानिक जिम्मेदारियों से भागने' की बात कही. 


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राज्यपाल को भी हेलीकॉप्टर से यात्रा करनी पड़ रही

इससे पहले वरिष्ठ कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने भी सोशल मीडिया पर पीएम मोदी की 'पूर्ण उदासीनता' को मणिपुर की समस्या की जड़ बताया. उन्होंने कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है और अब तक कोई प्रभावी नीति नहीं अपनाई गई. रमेश ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार ने भले ही जांच आयोग बनाया हो, लेकिन उसकी रिपोर्ट बार-बार टलती रही है. उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति शासन लागू होने के बावजूद हिंसा पर अंकुश नहीं लग पाया है. उन्होंने कटाक्ष करते हुए बताया कि राज्यपाल को भी हेलीकॉप्टर से यात्रा करनी पड़ रही है, जो दर्शाता है कि जमीनी हालात कितने गंभीर हैं. 

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