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रूट डायवर्जन से करीब 1.50 लाख लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ेगा. गाजियाबाद से नोएडा और ग्रेटर नोएडा जाने के लिए भी हर रोज हजारों लोग पर्थला गोलचक्कर से होकर गुजरते हैं. हालांकि, फ्लाईओवर का निर्माण होने के बाद नोएडा से ग्रेनो वेस्ट के बीच की राह आसान हो जाएगी.
डीएनए हिंदी: अगर आप कहीं आने-जाने के लिए पर्थला गोलचक्कर (Parthala Golchakkar) से होकर गुजरते हैं तो यह खबर आपके लिए है. दरअसल, नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट के बीच यातायात बेहतर करने के लिए सिग्नेचर ब्रिज का निर्माण किया जा रहा है. इसी क्रम में काम में तेजी लाने के लिए दो महीने के लिए पर्थला गोलचक्कर बंद करके रूट डायवर्जन किया जाएगा. ट्रैफिक रूट डायवर्जन का नया प्लान 15 दिन बाद लागू कर दिया जाएगा. इसके बाद गोलचक्कर के रास्ते फेज-2, सेक्टर-80 की ओर से एनएच-9 की तरफ वाहन सीधे नहीं जा सकेंगे.
ऐसे किया जाएगा रूट डायवर्जन
जानकारी के अनुसार, रूट डायवर्जन प्लान के तहत डीएससी रोड, फेज-2, सेक्टर-80, सेक्टर-115, सेक्टर-118 की ओर से गढ़ी चौखंडी, सेक्टर-69, सेक्टर-63ए, छिजारसी और एनएच-9 की ओर जाने के लिए वाहनों को पृथला गोलचक्कर से बाईं ओर मुड़कर सेक्टर-71 की ओर 400 मीटर आगे जाना होगा. वाहन वहां से यू-टर्न लेकर सेक्टर-121 होकर आगे जा सकेंगे.
वहीं, किसान चौक की ओर से पर्थला गोलचक्कर के रास्ते गढ़ी चौखंडी, छिजारसी और एनएच-9 की ओर जाने वाले वाहनों के लिए गोलचक्कर से दाईं ओर का रास्ता बंद रहेगा. वाहनों को सीधे जाकर 400 मीटर आगे से यू-टर्न लेकर सेक्टर-121 होते हुए जाना होगा.
इसके साथ ही सेक्टर-71 से किसान चौक की तरफ जाने वाले वाहनों को पहले गोलचक्कर से बाईं ओर मुड़कर सेक्टर-121 होकर एफएनजी मार्ग होते हुए जाना होगा. फिलहाल के लिए सेक्टर-121 से पर्थला की ओर जाने वाले रोड को बैरिकेड लगाकर संकरा कर दिया गया. आने वाले दिनों में इस रास्ते को पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा. हालांकि, लोगों की सहूलियत के लिए गोलचक्कर के पास यू-टर्न की व्यवस्था लागू कर दी जाएगी.
बता दें कि रूट डायवर्जन से करीब 1.50 लाख लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ेगा. गाजियाबाद से नोएडा और ग्रेटर नोएडा जाने के लिए भी हर रोज लाखों लोग पर्थला गोलचक्कर से होकर गुजरते हैं. हालांकि, फ्लाईओवर का निर्माण होने के बाद नोएडा से ग्रेनो वेस्ट के बीच की राह आसान हो जाएगी.
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