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जम्मू-कश्मीर से राष्ट्रपति शासन हटा, Omar Abdullah का सरकार बनाने का रास्ता साफ

जम्मू-कश्मीर में बीजेपी और पीडीपी की गठबंधन सरकार गिरने के बाद 2017 में राष्ट्रपति शासन लगाया गया था. हाल ही में 10 साल बाद इस केंद्र शासित प्रदेश में विधानसभा चुनाव हुए थे.

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जम्मू-कश्मीर से राष्ट्रपति शासन हटा, Omar Abdullah का सरकार बनाने का रास्ता साफ

Omar Abdullah and manoj sinha

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जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव समाप्त होने के बाद राष्ट्रपति शासन हटा दिया गया है. पिछले 6 साल से इस केंद्र शासित प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगा हुआ था. आधिकारिक आदेश में जम्मू-कश्मीर ने नई सरकार के गठन का रास्ता साफ हो गया है. नेशनल कॉन्फ्रेंस गठबंधन ने 49 सीटों के साथ प्रचंड जीत हासिल की है. कयास लगाए जा रहे हैं कि 16 अक्टूबर को उमर अब्दुल्ला सरकार का शपथ ग्रहण समारोह हो सकता है.

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राष्ट्रपति शासन हटाए जाने को लेकर एक राजपत्र अधिसूचना जारी की है. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा हस्ताक्षरित अधिसूचना में कहा गया है, ‘भारत के संविधान के अनुच्छेद 239 और 239ए के साथ पठित जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, 2019 (2019 का 34) की धारा 73 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए, जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश के संबंध में 31 अक्टूबर 2019 का आदेश, जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम 2019 की धारा 54 के तहत मुख्यमंत्री की नियुक्ति से तुरंत पहले निरस्त किया जाता है.

कब लगा था राष्ट्रपति शासन
जम्मू-कश्मीर में बीजेपी और पीडीपी की गठबंधन सरकार गिरने के बाद 2017 में राष्ट्रपति शासन लगाया गया था. हाल ही में 10 साल बाद इस केंद्र शासित प्रदेश में विधानसभा चुनाव हुए हैं. जिसमें नेशनल कॉन्फ्रेंस-कांग्रेस गठबंधन ने 49 सीटों पर जीत दर्ज की है. जबकि बीजेपी सिर्फ 49 सीटें ही पा सकी. नेशनल कॉन्फ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला जम्मू-कश्मीर के अगले मुख्यमंत्री होंगे. उन्हें गठबंधन का नेता चुना गया है.

जम्मू-कश्मीर राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों जम्मू कश्मीर और लद्दाख के रूप में विभाजित किए जाने के बाद 31 अक्टूबर 2019 को जम्मू-कश्मीर में राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया था. जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, 2019 को संसद ने 5 अगस्त 2019 को पारित किया था. पूर्ववर्ती राज्य को विशेष दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 को भी उसी दिन निरस्त कर दिया गया था.

31 अक्टूबर 2019 से पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के इस्तीफे के बाद जून 2017 से तत्कालीन राज्य में राष्ट्रपति शासन जारी था. उस समय भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के नेतृत्व वाली सरकार से समर्थन वापस ले लिया था. (PTI इनपुट के साथ)

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