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President Election 2022 को लेकर शिवसैनिकों और शरद पवार की पसंद अलग-अलग हैं जिसके चलते यह संभावनाएं है कि आने वाले समय में MVA में एक नया टकराव हो सकता है.
डीएनए हिंदी: महाराष्ट्र की महाविकास अघाड़ी सरकार (MVA) तो गिर चुकी है जिसके बाद से ही गठबंधन के घटक दलों के बीच टकराव की स्थिति है. वहीं इस टकराव की नई वजह राष्ट्रपति चुनाव (President Election 2022) भी बनता दिख रहा है क्योंकि MVA के नेता राष्ट्रपति उम्मीदवारों को लेकर अलग-अलग राय रखते दिख रहे हैं जो कि इस गठबंधन के बीच नए मतभेदों की वजह बन सकता है.
दरअसल आज NCP प्रमुख शरद पवार (Sharad Pawar) ने यशवंत सिन्हा को लेकर राष्ट्रपति चुनाव में समर्थन की बात कही है. उन्होंने इसको लेकर आज विपक्षी दलों के साथ बैठक भी की थी. इस बैठक में यशवंत सिन्हा (Yashwant Sinha) के चुनाव प्रचार में तेजी लाने को लेकर चर्चा की गई थी.
इस मीटिंग में कांग्रेस के मल्लिकार्जुन खड़गे सीपीएम के महासचिव सीताराम येचुरी, सीपीआई के भालचंद्र कांगो और राजद के एडी सिंह के अलावा यशवंत सिन्हा के प्रचार की जिम्मदारी संभाल रहे सुध्रींद्र कुलकर्णी भी मौजूद थे.
यह बैठक एनसीपी (NCP) प्रमुख शरद पवार के घर पर हुई थी और यह माना जा रहा है कि यशवंत सिन्हा के चुनाव प्रचार की जिम्मेदारी शरद पवार ने अपने ही हाथों में ले ली है. इस मीटिंग के बाद शरद पवार ने ट्वीट किया, "देश जिन मुद्दों का सामना कर रहा है उनसे लड़ने के लिए हम हमारे उम्मीदवार श्री यशवंत सिन्हा के साथ मजबूती से खड़े हैं."
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भले ही शरद पवार इस मामले में यशवंत सिन्हा के समर्थन की बात कर रहे हों लेकिन शिवसेना के कुछ सांसद द्रौपदी मुर्मू के साथ खड़े दिखते हैं. ये सांसद मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे गुट का हाथ थाम सकते हैं. इस बीच मुंबई दक्षिण मध्य से सांसद राहुल शेवाले ने ठाकरे से मुलाकात की है और राष्ट्रपति चुनाव में NDA उम्मीदवार मुर्मू का समर्थन करने की मांग की है.
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इतना ही नहीं शिवसेना सांसद ने शिवसेना सुप्रीमो से अन्य सांसदों को मुर्मू का समर्थन करने के निर्देश देने के लिए भी कहा है. इस संबंध ने शेवाले की तरफ से एक पत्र भी सौंपा गया है. ऐसे में यह माना जा रहा है कि राष्ट्रपति चुनाव के मुद्दे पर शिवसेना जहां बिखरी हुई हैं तो वहीं शरद पवार मुखरता से यशवंत सिन्हा का समर्थन करने की मांग कर रहे हैं जो कि महाविकास अघाड़ी गठबंधन में फूट की एक नई वजह बन सकता है.
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