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President Election 2022: यशवंत सिन्हा ने राष्ट्रपति पद के लिए किया नामांकन, राहुल और अखिलेश रहे साथ 

Yashwant Sinha Nomination: यशवंत सिन्हा ने राष्ट्रपति पद के लिए सोमवार को अपना नामांकन पत्र दाखिल कर दिया है. संसद भवन में नामांकन दाखिल करने के दौरान उनके साथ कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव भी थे. सिन्हा विपक्ष के संयुक्त उम्मीदवार हैं. बीजेपी के कभी दिग्गज चेहरों में शुमार रहे सिन्हा ने 2014 के बाद अपना रास्ता बदल लिया है और अब वह टीएमसी सांसद हैं. 

President Election 2022: यशवंत सिन्हा ने राष्ट्रपति पद के लिए किया नामांकन, राहुल और अखिलेश रहे साथ 

यशवंत सिन्हा ने किया नामांकन

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डीएनए हिंदी: विपक्ष की ओर से राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा ने अपना नामांकन दाखिल किया है. कभी बीजेपी के बड़े नेता और वाजपेयी सरकार में केंद्रीय मंत्री रहे सिन्हा अब विपक्षी दलों के संयुक्त उम्मीदवार हैं और उनकी राजनीतिक यात्रा खासी दिलचस्प है. संसद भवन में नामांकन दाखिल करने के दौरान विपक्षी दलों के दिग्गज नेता भी साथ थे. इस दौरान उनके साथ कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, सपा के अध्यक्ष अखिलेश यादव, एनसीपी के प्रमुख शरद पवार, सीपीआई (एम) नेता सीताराम येचुरी समेत विपक्ष के अन्य नेता मौजूद रहे. राष्ट्रपति पद के लिए यशवंत सिन्हा का मुकाबला एनडीए की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू से है.

18 जुलाई को है राष्ट्रपति चुनाव
एक दर्जन से अधिक विपक्षी दलों ने बीते मंगलवार को यशवंत सिन्हा को अपना उम्मीदवार घोषित किया था. उसी दिन बीजेपी ने द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपति पद के लिए अपना उम्मीदवार घोषित किया. राष्ट्रपति चुनाव 18 जुलाई को होना है.

मुर्मू अगर राष्ट्रपति चुनाव जीतती हैं तो वह देश की पहली आदिवासी राष्ट्रपति होंगी. इसके अलावा, वह देश की सबसे युवा राष्ट्रपति भी होंगी. राष्ट्रपति पद पर अब तक सिर्फ एक महिला प्रतिभा पाटिल ही पहुंची हैं. द्रौपदी चुनाव जीतकर इस पद को पाने वाली दूसरी महिला बनेंगी. मुर्मू मूल रूप से ओडिशा की हैं और संताल जनजाति से ताल्लुक रखती हैं. वह झारखंड की राज्यपाल भी रह चुकी हैं.

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BJP के बड़े नेता से बागी बने सिन्हा 
यशवंत सिन्हा एक वक्त में बीजेपी के दिग्गज नेताओं में शुमार थे. वाजपेयी सरकार में उन्होंने कुछ समय तक वित्त मंत्रालय की भी जिम्मेदारी संभाली थी. सिन्हा के बेटे जयंत सिन्हा अभी भी हजारीबाग से सांसद हैं. 2014 में केंद्र में मोदी सरकार आई और उसके बाद वह बागी हो गए और लगातार मोदी सरकार और बीजेपी का विरोध कर रहे हैं. 

2019 के लोकसभा चुनावों में उन्होंने खुलकर बीजेपी का विरोध किया था और अब टीएमसी में शामिल हो चुके हैं. सिन्हा राजनीति में आने से पहले ब्यूरोक्रेट भी रह चुके हैं. तेज-तर्रार आईएएस अधिकारी के तौर पर उनकी पहचान थी. 

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