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गगनयान की उड़ान से विकसित भारत की ओर, PM मोदी ने अंतरिक्ष में मौजूद शुभांशु शुक्ला को दिए 3 जरूरी होमवर्क

Shubhanshu Shukla: प्रधानमंत्री मोदी ने अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला से बातचीत किया. पीएम ने उन्हें कुछ टास्क भी दिए हैं. उन्होंने शुभांशु से कहा, आपके अनुभव इन लक्ष्यों की नींव साबित होंगे.

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गगनयान की उड़ान से विकसित भारत की ओर, PM मोदी ने अंतरिक्ष में मौजूद शुभांशु शुक्ला को दिए 3 जरूरी होमवर्क

शुभांशु शुक्ला, पीएम मोदी 

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Shubhanshu Shukla: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला से खास बातचीत की, जो इस समय अंतरिक्ष मिशन पर हैं. बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री ने न केवल उन्हें बधाई दी, बल्कि गगनयान मिशन के भविष्य के लिए कुछ जिम्मेदारियां भी सौंपीं. उन्होंने कहा कि भारत को अब अपना खुद का स्पेस स्टेशन बनाना है और चंद्रमा पर भारतीय एस्ट्रोनॉट की लैंडिंग सुनिश्चित करनी है.  उन्होंने शुभांशु से कहा, आपके अनुभव इन लक्ष्यों की नींव साबित होंगे.'

इस बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री ने उनसे पूछा कि क्या ऐसा कोई प्रयोग हो रहा है जिससे कृषि या स्वास्थ्य क्षेत्र को भविष्य में लाभ हो सकता है. इसके उत्तर में शुभांशु ने बताया कि वे कुल सात यूनिक वैज्ञानिक प्रयोग साथ लेकर गए हैं, जिन्हें भारतीय वैज्ञानिकों ने डिजाइन किया है. 

पीएम ने दिया होमवर्क 

प्रधानमंत्री मोदी ने बातचीत के दौरान उनसे कहा कि आपके लिए कुछ होमवर्क लेकर आया हूं. शुभांशु शुक्ल से पीएम मोदी ने कहा कि आपका टास्क ये है कि स्पेस में जो आपको अनुभव मिल रहा है, उससे हमें मिशन गगनयान को आगे बढ़ाना है, उन्होंने कहा कि हमें अपना खुद का स्पेस स्टेशन बनाना है और चंद्रमा पर भारतीय एस्ट्रॉनॉट की लैंडिंग भी करानी है.   

पहला प्रयोग स्टेम सेल्स पर आधारित

पीएम मोदी से बातचीत के दौरान शुभांशु ने अपने कुछ प्रयोग के बारे में भी बताया. पहला प्रयोग स्टेम सेल्स पर आधारित है, जिसका उद्देश्य अंतरिक्ष में गुरुत्वाकर्षण की कमी से होने वाले मसल लॉस को समझना और रोकना है. यह शोध भविष्य में बुज़ुर्गों की मसल वीकनेस को रोकने में सहायक हो सकता है. 


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भारत के विकसित भविष्य की नींव

दूसरा प्रयोग माइक्रोवेल्स की ग्रोथ पर केंद्रित है, जो पोषण से भरपूर होते हैं. यदि इनकी बड़े पैमाने पर खेती संभव हो सके, तो यह खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में क्रांति ला सकता है. शुभांशु ने बताया कि स्पेस में इन प्रयोगों की प्रक्रिया तेज होती है, जिससे जल्दी परिणाम मिलने की संभावना है. प्रधानमंत्री मोदी ने शुभांशु की इस ऐतिहासिक यात्रा को भारत के विकसित भविष्य की नींव बताया.  उन्होंने कहा कि भारत अब सिर्फ अंतरिक्ष में उड़ान नहीं भर रहा, बल्कि नई पीढ़ी के लिए उड़ान की तैयारी कर रहा है. 

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